बरहज। पहाड़ों पर हो रही झमाझम बारिश का असर अब नदियों पर दिखने लगा है। राप्ती नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं सरयू का जलस्तर स्थिर है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं नदी के पानी ने कहीं-कहीं खेतों का रुख कर लिया है।
सोमवार को सरयू खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर नीचे 65.50 पर बह रही है। फिलहाल 48 घंटे से नदी का जलस्तर स्थिर है। भदिला प्रथम में राप्ती नदी गांव का रूख कर रही है। गोरखपुर के नेतवार पट्टी से जाने वाले सड़क डूब गई है। जिससे गांव का रास्ता एक तरफ से अवरुद्ध हो गया है। रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कटइलवा से कपरवार संगम तट तक नवीन बांध पर कई जगह रेनकट बन गए हैं। जबकि जियो बैग बह गए हैं। नदी कटइलवा-कपरवार संगम के अलावा मोहरा-महेन तटबंध पर दबाव बना रही है। सरयू का जलस्तर थमने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस किया है लेकिन परसियां-विशुनपुर देवार स्थित मोहन सेतु के निकट नदी कटान कर रही है।
सरयू के जलस्तर में स्थिरता आई है। वहीं राप्ती घट-बढ़ रही है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है।
उपेंद्र कुमार सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग