रुद्रपुर में बांध के करीब पहुंची राप्ती नदी
देवरिया। नेपाल और पूर्वांचल में तीन दिन तक हुई भारी बारिश का असर नदी-नालों पर दिखने लगा है। खतरे के निशान से काफी नीचे रही राप्ती-गोर्रा में दो दिन में ही करीब दो मीटर पानी बढ़ गया है। छोटी गंडक नदी भी पहली बार गेज पर दिखने लगी है। सरयू नदी के जलस्तर में भी 20 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा सभी बरसाती नालों में भी पानी का तेज बहाव दिख रहा है।
सिंचाई विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार की सुबह आठ से रविवार की सुबह आठ बजे तक जिले में 75 मिलीमीटर बारिश हुई है। इससे पहले शुक्रवार की सुबह आठ से शनिवार की सुबह आठ बजे के बीच 21 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस तरह दो दिन में ही 86 मिलीमीटर बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ रहा है।
बरहज संवाद के अनुसार, सरयू और राप्ती के जलस्तर में एक बार फिर इजाफा होने लगा है। पिछले 24 घंटे में सरयू में 20 सेंटीमीटर और राप्ती के जलस्तर में 1.30 मीटर का बढ़त दर्ज किया गया है। पांचवीं बार दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। मोहन सेतु के पास परसियां-विशुनपुर देवार में कटान तेज हो गया है।
रुद्रपुर संवाद के अनुसार, राप्ती और गोर्रा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। दो दिनों में दोनों नदियों का जलस्तर करीब दो मीटर तक बढ़ने की सूचना है। गोर्रा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 70.50 मीटर के करीब पहुंच गया है। रविवार को पिपरा घाट पर गोर्रा का जलस्तर 68.95 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.55 मीटर नीचे है। वहीं राप्ती का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। राप्ती नदी का जलस्तर भी बढ़कर 68.55 मीटर तक पहुंच गया। दो दिनों में जलस्तर में तेजी से हुई वृद्धि के बाद दोआबा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता राधेश्याम ने बताया कि अनुमान के अनुसार नदियों के जलस्तर में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है। दोनों नदियां आने वाले दिनों में खतरे के निशान के करीब पहुंच सकती हैं। हालांकि चिंता की कोई बात नहीं है। आपात स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ खंड पूरी तरह तैयार है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सभी तटबंध सुरक्षित हैं और विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है।
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