संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कुशीनगर में नर्तकियों से दुष्कर्म के आरोपी आर्थक सिंह को मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए बुधवार को लाया गया, जहां पर पेट दर्द की शिकायत पर जांच की गई और दवा देकर कुछ देर बाद डाक्टरों ने जाने दिया। इसके बाद जेल कर्मी उसे वाहन में बैठाकर जिला जेल ले गए। मेडिकल काॅलेज में इलाज कराने आए आर्थक सिंह से मिलने उसके कई साथी भी पहुंचे थे। रामकोला थाना क्षेत्र के गोबरही बाजार इलाके के एक चौराहे पर स्थित मकान में पश्चिम बंगाल की दो नर्तकियां रहती थीं। नौ सितंबर की रात करीब 11:30 बजे दो लग्जरी वाहनों से छह लोग पहुंचे और जबरन नर्तकियों के कमरे में घुस गए। असलहा निकालकर हवाई फायरिंग करते हुए नर्तकियों को अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए। फायरिंग की आवाज सुनकर वहां अफरा-तफरी मच गई। एक पड़ोसी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो मनबढ़ों ने उनको भी मारापीटा। इस पर दहशत के मारे अगल-बगल के लोगों ने अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद कर लिए।
इसके बाद मनबढ़ नर्तकियों को गाड़ी में बैठाकर कप्तानगंज की ओर निकल गए। नर्तकियों का आरोप है कि रास्ते भर मनबढ़ों ने हवाई फायरिंग करते हुए उनके साथ छेड़खानी की।
इसके बाद कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सोहनी गणेश चौक पर एक मकान में ले गए और उनके साथ दुष्कर्म किया। असलहे के बल पर अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों में आर्थक सिंह निवासी बरही कोठी थाना कैंट गोरखपुर, डॉ. विवेक सेठ निवासी फर्टिलाइजर रोड, झुंगिया गेट थाना चिलुआताल, कृष तिवारी निवासी मेडिकल कॉलेज रोड, नारायण नगरी, सेमरा नंबर दो, थाना चिलुआताल, अस्वन सिंह निवासी विशुनपुरा थाना पिपराइच, गोरखपुर, नागेंद्र यादव निवासी मीरा हॉस्पिटल, फर्टिलाइजर रोड, चिलुआताल, गोरखपुर और अजीत सिंह निवासी सोहनी थाना कप्तानगंज जिला कुशीनगर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था।
इधर देवरिया जेल में बंद आर्थक सिंह की बुधवार को तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लाया गया। जहां इलाज कराने व जांच के लिए ब्लड का सैंपल लेने के बाद कर्मी फिर जेल ले गए। आर्थक सिंह से मिलने उसके साथी भी पहुंचे थे। उन्होंने उसे खाने पीने की वस्तुएं झोले में भरकर देनी चाही, लेकिन जेल कर्मियों ने मना कर दिया।