संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पीछे कूड़े के ढेर पर नवजात के मिलने को लेकर सभी हैरान हैं। बच्चा कैसे आया, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी मेडिकल कॉलेज प्रशासन अपने स्तर से जांच कराने की कवायद में जुटा है। बृहस्पतिवार को कर्मचारियों से पूछताछ की गई, लेकिन पता नहीं चल सका। उधर एसएनसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। उसकी हालत में पहले से सुधार बताया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी भवन के पीछे मंगलवार की आधी रात के बाद करीब दो बजे बच्चे के रोने की आवाज सुनकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्स मौके पर पहुंचे तो नवजात कूड़े के ढेर पर पड़ा था। उसके शरीर पर बड़ी संख्या में चींटियां थीं। डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे साफ किया।
इसके बाद एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। सूचना पर मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस और चाइल्ड केयर कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आसपास के लोगों से नवजात के बारे में जानकारी, लेकिन पता नहीं चला। अस्पताल परिसर में नवजात कैसे आया। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा भी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी गंभीर है। मामले की जांच कराने की बात कही जा रही है। कुछ कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई, लेकिन पता नहीं चला। इस मामले को गंभीरत से लेते हुए सीएमएस डॉ एचके मिश्र ने कहा कि यह मामला गंभीर है। प्रसव की व्यवस्था महिला अस्पताल में है। मासूम इमरजेंसी के गेट के समीप कूड़े ढे़र में मिला। महिला अस्पताल से इमरजेंसी की दूरी है। ऐसे में नवजात को कौन यहां लाकर फेंका इसकी जानकारी लिया जा रहा है। सीएमएस ने बताया कि एसएनसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में नवजात का इलाज किया जा रहा है। बच्चे की हालत में पहले से सुधार है। प्राचार्य से वार्ता कर अस्पताल परिसर में नवजात कैसे आया, इसकी जांच कराई जाएगी।
इधर मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज रिजवान खान ने बताया कि नवजात मिलने की सूचना पर पुलिस वहां गई थी। डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से बच्चे को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस अपने स्तर से भी इस मामले की जांच में जुटी हुई है।