बरहज। एनएच 227ए की ओर से रामजानकी मार्ग चौड़ीकरण का कार्य शुरू करा दिया गया है। मुआवजा मिलने के बाद कुछ काश्तकार अपना भवन तोड़कर मलबा हटा रहे हैं। वहीं, तकनीकी खामियाें के कारण अब भी दो दर्जन से अधिक काश्तकारों को मुआवजा नहीं मिल सका है। इससे काश्तकारों में नाराजगी है।
अयोध्या से बिहार के जनकपुर को जोड़ने वाले रामजानकी मार्ग पर भारत शृंखला माला के तहत चौड़ीकरण कार्य कराया जा रहा है। शासन के निर्देश पर एनएच 227ए सड़क के लेवल का मिलान करने के साथ अतिक्रमण खाली कराया जा रहा है।
हालांकि कपरवार के उग्रसेन सेतु से कुंडौली तक 10 और मेहरौना बॉर्डर तक सड़क 19 मीटर चौड़ा किया जाना है। पटरियों के पेड़, बिजली पोल हटाकर साफ-सफाई कराई जा रही है। वहीं पटरियों को समतल भी किया जा रहा है।
नौकाटोला में मुआवजा मिलने के बाद चंद्रभान लाल श्रीवास्तव, जयप्रकाश श्रीवास्तव, केशव मद्धेशिया, लालचंद कन्नौजिया, मठियां के छोटक सिंह आदि सड़क की जद में आने वाली जमीन से अपना निर्माण तोड़ कर मलबा हटा रहे हैं।
किन्हीं कारणों से नौकाटोला के ही प्रहलाद गुप्त, श्रवण, जयप्रकाश, शिवकुमार, बृजेश प्रताप सिंह, सलीम मोहम्मद, रणजीत सिंह आदि लोगों की जमीन और भवन के मुआवजे में पेंच फंसा है, जिसके कारण भुगतान नहीं हो सका है। ये लोग भुगतान के लिए कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम अंगद यादव ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को मुआवजा मिल चुका है। कुछ लोगों का बाकी है। जिनके भुगतान में अड़चन है। खामियों को दुरुस्त कराकर भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा। मठियां के निकट जलनिकासी के लिए बनाई जाएगी पुलिया : बरहज। कपरवार-बरहज रामजानकी मार्ग पर मठियां टोला के पास सड़क पर एनएच 227ए की ओर से बड़ी पुलिया बनाई जाएगी। इसके लिए विभाग ने ह्यूमपाइप मंगा लिया है।
रामजानकी मार्ग पर पड़ने वाले सभी छोटे पुलियों को बड़ा किया जाएगा। काश्तकारों की जमीन के सामने बनाए जाने वाले पुलिया का कुछ जगह पर विरोध भी हो रहा है।