तरकुलवा। शुक्रवार सुबह मौसम नहीं एक बार फिर अचानक करवट ली। करीब 7: 30 बजे हवा के साथ आसमान में काले बादल छा गए, जिससे कुछ ही मिनट में दिन में अंधेरा आ गया।
इसके तुरंत बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिसने एक और भीषण गर्मी से राहत दी, वही किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी।
हवा और बारिश के कारण सबवट, बसंतपुर धूसी, कोन्हवलिया, परसौनी, सिसवा, मुड़ीकटवा, नरहरपट्टी, अमवा, मठिया महावल, हरैया, कनकपुरा, जलुआ, जमुनी, गुलहरिया आदि सब्जियों की फसलों को भारी नुकसानपहुंचा है।
खेतों में लगी लौकी, करेला, भिंडी, टमाटर, कद्दू और मिर्च जैसी हरी सब्जियों की बेले टूट गई, जिससे फसलें जमीन पर गिर गईं। खेतों में लबालब पानी भर गया। सबवट के किसान जयचंद कुशवाहा, सिसवा मुड़ीकटवा के राम नरेश कुशवाहा, परशुराम कुशवाहा, मिट्ठू गोंड, शंकर कुशवाहा, अमवा के अभय तिवारी आदि का कहना है कि इस अचानक हुई बारिश और हवा से उत्पादन प्रभावित होगा और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
बारिश के बाद कौलाचक, हरैया, सरैनी, नारायणपुर, अमवा, सिसवा, मुड़ीकटवा, नरहरपट्टी आदि गांवों में सड़कों और गलियों में पानी भर गया, जिससे लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया।
सरफराज अहमद, गोविंद चौहान, दुर्गेश तिवारी, अच्छेलाल, संतोष यादव, अबुल हसन आदि का कहना है कि प्रत्येक वर्ष बारिश होने के बाद ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है।