दिनभर होती रही बूंदाबांदी
बारिश से किसानों में कहीं खुशी तो कहीं दिखी मायूसी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बूंदाबांदी के बीच शुरू हल्की बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। जिससे ठंड में इजाफा हो गया है। बारिश से किसानों में कहीं खुशी तो कहीं मायूसी है। ईंट-भट्ठा कारोबारियों को बारिश से नुकसान हुआ है।
बीते बृहस्पतिवार की रात करीब 11 बजे से आसमान बादलों से घिर गया और बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। खराब मौसम के कारण शुक्रवार को पूरे दिन सूर्य का दर्शन नहीं हुआ। दिन में भी रुक-रुक कर फुहार के साथ हुई बारिश से ठिठुरन बढ़ गई है। ठंड में इजाफा होने से जहां सड़कों पर पहियों की रफ्तार थम गई। वहीं सरकारी कार्यालयों एवं चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। पूरे दिन लोग घरों में दुबके रहे। कपरवार के देवेश सिंह, ज्ञानेश्वर सिंह, पैना के घनानंद सिंह, अशोक सिंह, सुभाष सिंह, सतरांव के अखिलेश यादव, अवधेश यादव, डेहरी के खोखा सिंह, तेलियां के नीरज शुक्ल, बढ़ौना शैलेंद्र उपाध्याय, मेहियवां के महेश यादव आदि का कहना है कि बारिश हम किसानों के लिए सोना बरसा है। रबी की फसल के पहली सिंचाई में जुटे किसानों के लिए इस बारिश से काफी बचत हुआ है। उधर जो किसान बुवाई नहीं कर पाएं है और अभी सप्ताह भर पहले बुवाई करने वाले किसान मायूस हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतनशंकर ओझा का कहना है कि गन्ना, दलहनी, अरहर, मक्का और 15 दिन पहले हुई गेहूं की बुवाई के लिए बारिश फायदेमंद है। वहीं लहसुन, प्याज की फसलों और एक सप्ताह पहले गेहूं की बुवाई करने वाले किसान के लिए बारिश नुकसानदेह है।
अलाव जलाने का एसडीएम ने दिया निर्देश
शुक्रवार को सुबह से ही ठंड में हुए इजाफा से इंसान तो इंसान जीव-जंतु भी दुबके रहे। मौसम के मिजाज में आए परिवर्तन को लेकर एसडीएम सुनील सिंह ने नगर सहित क्षेत्र के गांवों स्थित चौराहों आदि सार्वजनिक जगहों पर अलाव जलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि हुई बारिश से ठंड को देखते हुए ग्राम प्रधानों, वार्ड मेंबरों आदि को समुचित प्रबंध का निर्देश दिया गया है। जबकि स्वास्थ्य लाभार्थी मेला में वंचितों और भलुअनी, भागलपुर के गरीबों में जल्द ही 2000 कंबल और वितरित किए जाएंगे।
तेज हवा से ठंड में इजाफा
सलेमपुर। बृहस्पतिवार रात से ही हो रही रिमझिम बारिश से जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा। बाद में तेज बारिश होने से सबसे ज्यादा समस्या सुबह सरकारी व निजी दफ्तरों में काम पर जाने वालों के साथ-साथ विद्यार्थियों को हुई। गेहूं की फसल के लिए बारिश लाभकारी बताई जा रही है। जो किसान अभी गेहूं की बुआई नहीं किए हैं उनकी बुआई खेतों में वर्षा का पानी लगने से अब पिछड़ जाएगी। किसानों ने बोई गई गेहूं, सरसों, आलू और सब्जियों के लिए फिलहाल बारिश लाभदायक बताया है। गेहूं में जो लोग खाद दे चुके हैं, बारिश से खाद जड़ों तक पहुंचेगी। वर्षा और तेज हवा से ठंड में भी इजाफा हुआ है। लोगों का कहना है कि अब कोहरे से निजात मिलेगी। वर्षा के चलते चेरो रोड पर एक बार फिर पानी लग गया है। जिससे राहगीरों को आने जाने में मुश्किलें हो रही हैं। मार्ग से स्कूल जाने वालों बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।