बरियारपुर स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज देखते डॉ मृणाल
एकौना, मदनपुर। प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजना मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण धरातल पर नहीं दिख रहा। अस्पताल से मरीजों की जांच के समय चिकित्सकों के गायब रहने पर जनआरोग्य मेले की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट के भरोसे रहती है।
रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर पर फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन मरीज जांच केंद्र में बैठे थे। फार्मासिस्ट ने बताया कि 50 से अधिक मरीज आए थे, जिनमें दवा वितरित की गई है। यहां तैनात चिकित्सक डॉ. हुसैन अब्बास के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए। वहीं परिसर में जन आरोग्य मेले को लेकर कोई बैनर पोस्टर और तैयारी नहीं दिखी। पचलड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर फार्मासिस्ट रामसिंगार विश्वकर्मा आए पांच मरीजों में दवा बांट रहे थे। चिकित्सक डॉ. निधि जायसवाल अवकाश पर थीं। वहीं सरांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. राजेश कुमार सिंह दोपहर एक बजे तक 42 लोगों की जांच कर चुके थे।
सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एसके राव ने कहा कि जन आरोग्य मेले का निरीक्षण किया जाता है। बिना सूचना गैरहाजिर वाले चिकित्सकों के बारे में जांच की जाएगी। खुखुंदू न्यू पीएचसी पर देखे गए 40 मरीज : न्यू पीएचसी खुखुंदू में रविवार को आरोग्य मेले में 40 मरीजों का इलाज किया गया।
न्यू पीएचसी खुखुंदू के चिकित्सा प्रभारी डाक्टर अंबुज यादव शनिवार को ड्यूटी कर छुट्टी पर चले गए। रविवार को आरोग्य मेले में यहां तैनात बीएएमएस डाक्टर जेपी मौर्या ने आए मरीजों का इलाज किया। बरियारपुर में आरोग्य मेले में पथरदेवा विकासखंड के रामपुर अवस्थी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. योगेश कुमार ने 26 मरीजों की जांच की और दवा वितरण किया जिनमें सर्दी-खासी और बुखार के मामले ज्यादा पाए गए। मेला में फार्मासिस्ट संजय पांडेय और लोरीक यादव आशा मिश्रा उपस्थित रहे। वहीं सरौरा नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ राजेश कुमार ने 32 मरीजों को देखा जिसमे सबसे ज्यादा सर्दी जुकाम बुखार के