आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया आरोपियों को बचाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। धनगड़ा गांव के तीन दर्जन से अधिक लोग महिलाओं के साथ सोमवार की सुबह 11 बजे कोतवाली पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस कर्मियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। मामला 25 मई की रात सोनू की हत्या से जुड़ा है। गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया था। अब तक अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के धनगड़ा गांव के सोनू कुमार (21) पुत्र कृष्ण कुमार का गांव के एक व्यक्ति के यहां आना-जाना था। आरोप है कि 25 मई की रात में गांव का बबलू कुमार सोनू को फोन कर घर बुलाया और पहले से घात लगाकर उसके साथ आए बदमाशों ने सोनू के पहुंचते ही राॅड से प्रहार कर दिया। एक युवक ने चाकू से गोदकर उनको लहूलुहान कर दिया। परिवार के लोग घटना स्थल पर पहुंचे तो सोनू अचेतावस्था में पड़ा था। परिजन सोनू को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां से डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। 26 मई की सुबह सोनू की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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घटना की सूचना सोनू के चाचा हरेंद्र प्रसाद पु़त्र राम रतन ने कोतवाली पुलिस तहरीर देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर गांव के बबलू पुत्र कन्हैया को न्यायालय में प्रस्तुत करते हुए जेल भेज दिया। अन्य सभी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सोमवार सुबह 11 बजे तीन दर्जन से अधिक की संख्या में ग्रामीण कोतवाली पहुंचे और हंगामा करते हुए कोतवाली गेट पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिसकर्मियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
सीओ दीपक शुक्ला ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि हत्या की बजाय गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज है। विवेचक को निष्पक्ष विवेचना करने के लिए कहा गया है।