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शव को सड़क पर रखकर देवरिया-कसया मार्ग पर लगाया जाम

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शव को सड़क पर रखकर देवरिया-कसया मार्ग पर लगाया जाम
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शटडाउन के बावजूद शुरू कर दी आपूर्ति, लाइनमैन की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर कारखाना। स्थानीय नगर पंचायत में शटडाउन के बावजूद बिजली आपूर्ति शुरू कर देने से एक प्राइवेट लाइनमैन की सोमवार को मौत हो गई। आक्रोशित नगरवासियों ने शव को देवरिया-कसया मार्ग पर रखकर जाम कर दिया। ये लोग मृतक के परिजनों को मुआवजा और विद्युत कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। एसडीएम और सीओ सदर ने ज्ञापन लेकर जाम खत्म कराया। रामपुर कारखाना फीडर में महज 10 दिन में दूसरी बार घटना हुई है।
नगर पंचायत रामपुर कारखाना के ठाकुर रामेश्वर वार्ड स्थित 400 केवीए का विद्युत ट्रांसफॉर्मर दो दिन पहले जल गया था। निगम ने नगर पंचायत का मोबाइल ट्रांसफॉर्मर लगाकर आपूर्ति बहाल कराई, लेकिन यह भी रविवार को जल गया। रविवार को ही निगम ने नया ट्रांसफॉर्मर लगवाया, जिसे सोमवार को लाइनमैन विनोद कुमार दो अन्य कर्मचारियों के साथ रामपुर कारखाना पहुंचा। उसने कस्बे के सोनार टोली वार्ड निवासी उमेश विश्वकर्मा (25) पुत्र सुदामा विश्वकर्मा को अपने साथ ले लिया। उमेश बिजली के खंभे पर चढ़ गया, जो प्राइवेट लाइनमैन का काम करता था। आरोप है कि लाइनमैन शटडाउन लेकर खुद नीचे रहा और उमेश को खंभे पर चढ़ा दिया। वह ट्रांसफॉर्मर से 11 हजार वोल्ट के तार को जोड़ रहा था कि शटडाउन के बावजूद आपूर्ति चालू कर दी गई। इससे वह करंट की चपेट में आने से झुलस कर खंभे से नीचे गिर पड़ा। उसके नीचे गिरते ही तीनों लाइनमैन घटनास्थल से भाग निकले। कस्बावासी प्राइवेट लाइनमैन उमेश को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने सदर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से नाराज कस्बावासी मृतक के परिजनों को मुआवजा और विद्युत कर्मचारियों को निलंबित कर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर आक्रोशित हो गए। वापस लौटे कस्बावासियों ने देवरिया- कसया मार्ग स्थित रामपुर कारखाना मुख्य चौराहे पर शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया। इससे दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार व थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने समझा-बुझाकर रास्ता खुलवाया। लेकिन सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने पर घंटे भर बाद कस्बावासी आक्रोशित रहे और दोबारा सड़क जाम कर दिया। इसके बाद एसडीएम सदर सौरभ सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर श्रीयश त्रिपाठी रामपुर कारखाना चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और कस्बावासियों को समझाकर शांत कराया और ज्ञापन लेकर जाम खत्म कराया।
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20 लाख मुआवजा सरकारी नौकरी और कर्मचारियों के निलंबन की की मांग
प्राइवेट लाइनमैन का काम करने वाले उमेश की मौत की जानकारी मिलते ही कस्बावासी आक्रोशित हो गए। सभासद पुत्र हरिओम मद्धेशिया व्यापार मंडल के नेता शाकिर अली, चंद्रमोहन मद्धेशिया की अगुवाई में परिजनों संग कस्बा वासियों ने देवरिया-कसया मार्ग जाम कर दिया। एक बार नायब तहसीलदार और थानाध्यक्ष के मान मनौवल पर जाम खत्म कर दिया। इसके बाद शव को सड़क के किनारे कर लिया लेकिन घंटे भर बाद भी उच्च अधिकारियों के नहीं आने पर कस्बावासी आक्रोशित हो गए। उन्होंने दोबारा शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इसके बाद एसडीएम सदर सौरभ सिंह और सीओ सदर श्रेयस त्रिपाठी मौके पर पहुंचे परिजनों ने 20 लाख मुआवजा देने मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इसके अलावा अवर अभियंता, लाइनमैन शटडाउन देने वाले कर्मचारी को निलंबित कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। एसडीएम सदर ने आश्वासन देकर और ज्ञापन लेकर जाम खत्म कराया।
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रामपुर कारखाना क्षेत्र में 10 दिन में दूसरी घटना
रामपुर कारखाना। इससे पहले इसी तरह की घटना 29 मई को हुई थी। इसमें थाना क्षेत्र के बरईपुर लाला गांव निवासी हरकेश पाल विभागीय कर्मचारियों से शटडाउन लेकर फॉल्ट ठीक कर रहा था। अभी वह खंभे पर चढ़कर फॉल्ट ठीक कर रहा था कि बिना शटडाउन वापस किए बिजली बहाल कर दी गई।
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