भाषण प्रतियोगिता में प्रीति पासवान एवं कांति दीपिका सिंह प्रथम
देवरिया। संत विनोबा पीजी कॉलेज में बृहस्पतिवार को हिंदी विभाग की ओर से मातृ भाषा सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि भोजपुरी मेरा घर है तो हिंदी मेरा देश है। मातृभाषा के महत्व पर भाषण प्रतियोगिता में प्रीति पासवान एवं कांति दीपिका सिंह ने बराबर अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब्दुल रब दूसरे एवं रीमा चौरसिया ने तीसरा स्थान हासिल किया।
इस दौरान मुख्य अतिथि डॉ. दिवाकर प्रसाद तिवारी ने कहा कि भोजपुरी मेरा घर है तो हिंदी मेरा देश है। क्षेत्रीय भाषा का विकास और सम्मान होना चाहिए, पर हिंदी की कीमत पर नहीं। विशिष्ट अतिथि डॉ. वीरेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि मातृभाषा का विकास जीवन के विकास की धारा है। इसका स्थान कोई नहीं ले सकता। डॉ.नाजिश बानो ने कहा कि मातृभाषा को समस्या मानने से नहीं, बल्कि विकास के लिए सबसे आवश्यक मानने से इसकी उन्नति होगी। अध्यक्षता करते हुए मधुसूदन मिश्र ने कहा कि संपूर्ण शिक्षा और प्रतिभाओं का पूर्ण विकास मातृभाषा में ही संभव है। इस दौरान प्राचार्य डॉ. वाचस्पति द्विवेदी, डॉ. विवेक मिश्र, डॉ. चंद्रेश बारी, डॉ. रजनी मिश्र, डॉ. तूलिका पांडेय, डॉ. कृष्णमुरारी गुप्त, डॉ. मंशा देवी, डॉ. राजेश मिश्र, अनिल यादव, अखिलेश मणि आदि मौजूद रहे।
‘मातृभाषा में शिक्षा से नैसर्गिक क्षमता का विकास संभव’
भाटपाररानी। मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज में बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा सप्ताह के अंतर्गत विविध विषयों पर भाषण, निबंध लेखन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में एमए की छात्रा निधि चौरसिया, सुमन मिश्र, पिंकी यादव, बीएड के अभिमन्यु पटेल, दयासागर भारती, आलोक गुप्ता, स्नातक की कुमारी निशू, कालिंदी सिंह, कमलेश गुप्ता, मोहम्मद असलम, धीरज प्रसाद गुप्ता आदि छात्रों ने भाग लिया। भाषण प्रतियोगिता के अंतर्गत शैक्षिक माध्यम के रूप में मातृभाषाओं का महत्व विषय पर मुख्य वक्ता हिंदी के प्रवक्ता डॉ. पवन कुमार राय ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत 12 वर्ष के कम उम्र के छात्रों को उनकी मातृभाषा में व्यापक विषयों में शिक्षा देने से उनकी नैसर्गिक क्षमता का विकास संभव है। कार्यक्रम संयोजक अभिमन्यु पांडेय ने कहा कि मातृभाषा का विकास ही सभी उन्नतियों का मूल है। कार्यक्रम को आचार्य आनंद प्रकाश, डॉ. अरुण कुमार गुप्ता, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. कनकलता डॉ. पूनम यादव, डॉ. धर्मजीत मिश्र आदि ने भी संबोधित किया।