बरियारपुर। सरौरा गांव में श्मशान घाट को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव निवासी वशिष्ठ यादव ने कुछ लोगों पर श्मशान घाट पर जाने से रोकने, अपशब्द कहने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के मुताबिक उनकी पत्नी का मंगलवार को निधन हो गया था। इसके बाद सरौरा-हथियागढ़ स्थित सार्वजनिक श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बुधवार की सुबह वह पत्नी की अस्थियां विसर्जित करने नदी किनारे पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और श्मशान घाट आने पर आपत्तिजनक बातें कहनी शुरू कर दीं।
वशिष्ठ यादव का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो संबंधित लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और डराने-धमकाने की कोशिश की। पीड़ित का कहना है कि जिस श्मशान घाट पर उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार हुआ, वह सरकार द्वारा विकसित सार्वजनिक स्थल है। इसके बावजूद कुछ लोग दबंगई दिखाते हुए उसे अपनी निजी संपत्ति की तरह बताकर दूसरों को वहां जाने से रोक रहे हैं।
ग्रामीणों का भी कहना है कि श्मशान घाट किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं होती, बल्कि यह सार्वजनिक उपयोग का स्थान है। थानाध्यक्ष दीपक सिंह ने बताया कि अब तक उनके संज्ञान में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। शिकायत प्राप्त होने पर जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।