दुग्धेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
रुद्रपुर। महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए पौराणिक तीर्थ स्थल दुग्धेश्वरनाथ मंदिर सजधज कर तैयार हो रहा है। मंदिर के रंग-रोगन का कार्य पूर्ण कर सजाया जा रहा है। मंदिर पर जुटने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बैरिकेडिंग का दायरा बढ़ाया है। दूसरी काशी के नाम से विख्यात मंदिर परिक्षेत्र में मेले में दुकानें लग गई है। मंदिर पर श्रद्धालुओं का जत्था पहुंचने लगा है। दुग्धेश्वरनाथ मंदिर का पद्म पुराण में उल्लेख किया गया है। सामान्य धरातल से 20 फुट नीचे स्थित शिवलिंग को उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग का स्वरूप माना जाता है। शिव मंदिर पर दूर-दराज से शिव भक्त दर्शन और पूजन के लिए आते हैं। लोगों के अनुसार अष्टकोण में बने मंदिर की प्राचीनता का उल्लेख चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपनी यात्रा वृतांत की पुस्तक सियुकि में किया है।
मंदिर से पहले ही रोके गए वाहन
महाशिवरात्रि के पूर्व सोमवार को दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ गई। शिवरात्रि के दो दिन पहले ही मंदिर पर भीड़ को देख प्रशासन ने मुख्य मंदिर तक पहुंचने के पहले वाहनों के जाने पर रोक लगा दिया। मंदिर के मुख्य द्वार पर फूल, माला की दुकानों के ऊपर के छज्जे हटा दिए गए। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से मंदिर परिक्षेत्र में जगह-जगह इंटरलांकिग का कार्य जारी रहा। गिरिजा सरोवर के निकट झूला और सामानों की दुकाने लग गई हैं। चेयरमैन रुद्रपुर सुधा निगम ने कहा कि मंदिर पर श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए सफाई और पथ प्रकाश का इंतजाम किया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है। पेयजल और स्वास्थ्य सुविधा के लिए कैंप लगाए जाएंगे। सीसीटीवी से निगरानी होगी।