सोनूघाट। कोतवाली क्षेत्र के सोनूघाट के पास एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान प्रसूता की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया।
बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना के कोरया दीक्षित निवासी अमित तिवारी उर्फ सोनू ने अपनी पत्नी सपना मिश्रा को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार की शाम अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार की देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने गोरखपुर मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार, देर रात अस्पताल से बाहर कर दिया। सुबह तक प्रसव पीड़ा से सपना मिश्रा कराहती रही। परिजन निजी वाहन से शहर के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई।
इसके बाद परिजन वापस सोनूघाट स्थित निजी अस्पताल पर पहुंचकर हंगामा करने लगे।अस्पताल कर्मियों की सूचना पर थोड़ी देर में अस्पताल में पुलिस पहुंच गई। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन माने और बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव लेकर गांव चले गए। सपना के परिजन से लिखित शिकायत लेने के लिए कोतवाली पुलिस साथ लेते गई।
भाई चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि बहन सपना के दो बच्चे इच्छा (5), लड्डू (दो) हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के दो चिकित्सकों ने बहन की जान ले ली। सपना के पति अमित तिवारी प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं। पिता विनोद कुमार मिश्र बदहवास हैं।
निजी अस्पताल के निदेशक डॉ. नागेंद्र यादव ने बताया कि समय से पूर्व हालत बिगड़ने पर गोरखपुर रेफर कर दिया गया था, लेकिनही परिजनों की लापरवाही से मौत हुई है। शहर कोतवाल राकेश कुमार राय ने तहरीर मिली है। जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।