कमकर जाति का होने के बाद पंचायत चुनाव में खुद को खरवार जाति का बताया था
जिलाधिकारी ने त्रिस्तरीय कमेटी गठित करने का दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर/मईल। कमकर जाति का होने के बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में खुद को खरवार जाति का बताकर ग्राम प्रधान का चुनाव जीतने वाले प्रधान का पाॅवर डीएम ने सीज कर दिया है। जिलाधिकारी ने गांव का विकास कार्य कराने के लिए कमेटी गठित करने का आदेश दिया है।
भागलपुर विकास खंड के गहिला गांव निवासी शशांक कुमार यादव ने नौ माह पहले जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि गहिला गांव के प्रधान संतोष कुमार जिनकी मूल जाति कमकर है। प्रधान बनने के लिए राजस्व कर्मियों को अंधकार में रख कर कागज में फर्जी तरीके से खरवार जाति के नाम पर अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधान पद पर कार्यरत हैं। शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित कर जांच करवाई।
लगभग बीस दिन पहले जांच में जाति प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से मूल जाति को छिपा कर बनाया पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने जाति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया। इसके बाद डीएम ने ग्राम प्रधान संतोष कुमार के संबंधित शक्तियों के प्रयोग एवं कृत्यों के संपादन को प्रतिबंधित करने का आदेश पारित किया है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि जब तक कि ग्राम प्रधान उपरोक्त आरोपों से मुक्त न हो जाएं, प्रधान पद की शक्तियों के प्रयोग एवं कृत्यों के निष्पादन का कार्य ग्राम पंचायत की निर्वाचित तीन सदस्यों की समिति द्वारा किया जाएगा।