ई-रिक्शा चार्जिंग में बिजली चोरी का खेल
देवरिया। बिजली निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से हर माह निगम को तकरीबन 30 लाख रुपये की चपत ई-रिक्शा चार्जिंग में लग रही हैं। जो सेटिंग नहीं करता वह भले ही कामर्शियल कनेक्शन लिया हो उसके यहां विजलेंस से दबिश कराकर जुर्माना ठोक देते हैं। लेकिन जहां इनकी सेटिंग हैं वहां भले ही वह घरेलू कनेक्शन लेकर ई-रिक्शा चार्जिंग कर रहा हो उसे कोई नहीं पूछता।
शहर में तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। बावजूद इसके एक भी चार्जिंग सेंटर न तो बिजली निगम की तरफ से स्थापित की गई है और न ही किसी ने चार्जिंग प्वाइंट के लिए कामर्शियल कनेक्शन लिया है। बिजली निगम को भी ख्याल नहीं आया कि ई-रिक्शा की बैटरियां कैसे चार्ज हो रही हैं। रेलवे स्टेशन पर कुछ दिनों पूर्व अवैध चार्जिंग सेंटर पकड़े जाने के बावजूद भी निगम के अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है। बिजली निगम के कर्मचारियों के अनुसार एक ई-रिक्शा पांच घंटे चार्ज होने पर तकरीबन 30 से 35 रुपये बिजली की खपत होती है। ऐसे में हर रोज तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा चार्ज किए जा रहे हैं। यानी रोजाना तकरीबन नब्बे हजार से अधिक की बिजली खर्च हो रही हैं। इसमें अधिकतर बिजली चोरी की जा रही हैं। इसका खुलासा विभागीय छापा में होने के बावजूद भी विभागीय सेटिंग की खेल चल रही हैं। इस बाबत अधिशासी अभियंता विद्युत, एके सिंह ने कहा कि शहर में कहीं भी चार्जिंग प्वाइंट वैध नहीं हैं। अवैैध चार्जिंग प्वाइंट के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। ई-रिक्शा चार्जिंग के लिए कुछ लोगों ने कामर्शियल कनेक्शन लिया हैं। घरेलू कनेक्शन लेकर लोग ई-रिक्शा शेड बनवाएं हैं। लोकल लाइनमैन और जेई से सेटिंग कर चार्जिंग सेंटर चुपके से संचालित कर रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 3000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित होने के बाद भी एक भी शहर में चार्जिंग प्वाइंट वैध नहीं हैं। चोरी से 20 से अधिक स्थानों पर चार्जिंग प्वाइंट संचालित किया जा रहा हैं। जिसकी भनक विभाग को भी है लेकिन सेटिंग की वजह से कार्रवाई नहीं होती है। विजिलेंस थाना होने के बावजूद भी कोई अभियान ऐसे सेंटरों के खिलाफ नहीं किया गया। रात में अवैध चार्जिंग प्वाइंट पर ई-रिक्शा चार्जिंग किया जाता है। ऐसे मामलों में आंच न आए सेटिंग निगम के कर्मचारियों से की गई है। एक हजार से अधिक लोगों के पास ई-रिक्शा हैं। इसमें कुछ लोग तो आठ से दस की संख्या में ई-रिक्शा लेकर भाड़े पर संचालित करा रहे हैं।