संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आंधी-बारिश से जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली निगम धीरे-धीरे आपूर्ति बहाल करने में जुटा हुआ है। हालांकि कई कस्बों में आपूर्ति बहाल हो चुकी है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर जगह बिजली बहाल नहीं हो पाई है।
इसके चलते लोग मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए तरस गए। इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं। बिजली निगम युद्धस्तर पर खंभों और टूटे तारों को दुरुस्त करने में जुटा है, पर व्यापक पैमाने पर हुई क्षति से इसमें समय लग सकता है। खुखुंदू संवाद के अनुसार, उपकेंद्र से जुड़े 249 गांवों में दूसरे दिन रविवार को भी रात मेंअंधेरा छाया रहेगा। उधर, शनिवार को फिर से मेन सप्लाई में जंपर जलने से उपकेंद्र की आपूर्ति ठप हो गई थी।
विद्युत उपकेंद्र खुखुंदू से स्थानीय कस्बे, मुसैला, बड़हरा, बीरपुर मिश्र, बैरौना, परसिया मिश्र, नूनखार, सिसईं पड़री, बरसाथ, एकडंगा समेत ढाई सौ गांवों में आपूर्ति की जाती है। शुक्रवार को आई आंधी-बारिश से मेन सप्लाई की लाइन पर जगह-जगह पेड़ गिर पड़े।
जेई सोनू कुमार का कहना है कि क्षेत्र में जगह-जगह आवश्यकता से अधिक पेड़ तारों पर टूटकर गिरे हैं। इसके चलते आपूर्ति बहाल कराने में समय लग रहा है। फिर भी कर्मचारी जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। पैकौली संवाद के अनुसार, 10 घंटे बिजली बाधित रहने के बाद उसरा इंडस्ट्रियल एरिया में शनिवार की शाम को आपूर्ति बहाल कर दी गई, पर उसरा फीडर से जुड़े गांवों को बिजली नसीब नहीं हुई। दो दिन के बाद भी कई दर्जन गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। उसरा फीडर के जेई रामप्रवेश यादव ने बताया कि मेन लाइन ठीक हो गई है।
पूरे क्षेत्र में करीब 30 से 35 खंभे और दर्जनों ट्रांसफाॅर्मर खराब हो चुके हैं। इसे ठीक करने में अभी और समय लगेगा। भागलपुर संवाद के अनुसार, आंधी-बारिश के कारण शुक्रवार की शाम से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में 48 घंटे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रही। स्थिति यह रही कि शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे गुल हुई बिजली भागलपुर के आधे कस्बे में 28 घंटे बाद शनिवार शाम को चालू हुई।
क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में समाचार लिखे जाने तक बिजली नहीं आई थी। इससे लोग मोबाइल चार्ज, पीने के पानी के लिए परेशान हुए। कुंडौली फीडर से भागलपुर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों की बिजली सप्लाई आती है। हालांकि भागलपुर आधे कस्बे में 24 घंटे बाद सप्लाई शुरू हो गई, लेकिन ग्रामीण इलाके देवसिया, गोड़वली, पिपरा बांध, पिपरा दवन, नरियांव, बभनियांव आदि गांवों में बिजली व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी। कुंडौली सब स्टेशन के जेई राज शरन सिंह ने बताया कि तार और पेड़ गिरने की वजह से बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। फाॅल्ट खोजा जा रहा है, जल्द सप्लाई शुरू करा दी जाएगी।
सोहनपुर संवाद के अनुसार, बिजली उपकेंद्र बनकटिया से सोहनपुर और रामपुर बुजुर्ग फीडर से जुड़े 11 हज़ार वोल्टेज की लाइन के तार व खंभों पर दर्जनों जगह पेड़ उखड कर गिर गए हैं। जिससे शुक्रवार दो बजे दिन से ही बिजली आपूर्ति ठप है।
इसके चलते क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। बिजली कर्मचारी पेड़ को हटवाकर टूटे तार व खंभों को बदलने के कार्य में लगे हैं, लेकिन आपूर्ति बहाल होने की अभी फिलहाल संभावना नहीं दिखाई दे रही है।
इस संबंध में जेई अवधेश प्रसाद ने बताया कि नदावर घाट पर सभी अधिकारी जमे हुए हैं। भाटपार रानी को सप्लाई मिलेगी तो बिजली शुरू हो जाएगा। जबकि समाचार लिखे जाने तक बिजली आपूर्ति नहीं मिली पाई है।
प्रतापपुर संवाद के अनुसार, पूरे क्षेत्र में शुक्रवार की रात से ही विद्युत आपूर्ति ठप है। बंगरुआ फुलवरिया हरेराम चौराहा ठाकुरपुर रामपुर बासोपट्टी मिश्रौली बनकटा जगदीश किशोरी इंदरवा जगदीशपुर खुरवसिया मुकुंदपुर कतरवा आदि गांव की बिजली आपूर्ति गजहड़वा उपकेंद्रों से बाहाल होता है जो अभी तक बहाल नही हो पाई है।कारण विद्युत पोल व तार टूट कर गिरना बताया जा रहा है। बरियारपुर संवाद के अनुसार शुक्रवार की रात से ही बिजली उपकेंद्र बरियारपुर से आपूर्ति बंद है । जहां तेज आंधी व पानी के कारण एलटी व एचटी लाइन का पोल व तार अनेकों स्थान पर टूट व गिर गया है। जिसके मरम्मत का कार्य चल रहा है। इस संबंध में एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि सलेमपुर रोड़ पर जेल के पास 33000 वोल्ट की आपूर्ति के दो खंभे गिर गए हैं, जिसे बिजली उपकेंद्र बरियारपुर के कर्मचारी बनाने में जुटे हुए हैं।
यहां बनने के बाद बरियारपुर उपकेंद्र की आपूर्ति बहाल होगी। जिसके बाद बरियारपुर के पांचों फीडर से बिजली आपूर्ति शुरू हो सकेगी । भाटपाररानी संवाद के अनुसार, नगर सहित पूरे क्षेत्र में शुक्रवार की रात से ही विद्युत आपूर्ति ठप है। भाटपार रानी, चिंगारी, बनकटिया और गजहड़वा उपकेंद्रों से आपूर्ति बहाल अभी तक नही हो पाई है। कारण विद्युत पोल व तार टूट कर गिरना बताया जा रहा है। बनकटा संवाद के अनुसार क्षेत्र में लगभग 38 घंटो से विद्युत आपूर्ति बाधित है। मेन सप्लाई में दिक्कत है।