ग्राम प्रधान का पावर सीज, 5.22 लाख रुपये की होगी वसूली
- ग्राम करमाजितपुर में शौचालय निर्माण में धांधली का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरी बाजार (देवरिया)। विकास खंड क्षेत्र के ग्राम करमाजितपुर में ग्रामीणों की शिकायत के बाद हुई जांच में शौचालय निर्माण में प्रथम दृष्टया धांधली उजागर होने पर डीएम ने ग्राम प्रधान के पावर को सीज कर दिया। साथ ही उनसे 5.22 लाख रुपये के वसूली का आदेश दिया गया है। ग्राम पंचायत में त्रिसदस्यीय कमेटी के गठन के गठन का निर्देश खंड विकास अधिकारी को दिया था। साथ ही आरोपों की अंतिम रूप से जांच के लिए दो अन्य विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ग्राम करमाजितपुर निवासी विद्यासागर निषाद सहित कुछ ग्रामीणों नें गांव में हुए शौचालय निर्माण में सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगाया था। ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष 2018 में एसबीएम की सूची में नाम न होने के बावजूद दर्जनों लोगों के नाम से शौचालय निर्माण के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला किया गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर 15 जून को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं गौरी बाजार विकास खंड क्षेत्र के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी सुमित कुमार ने जांच की। इसमें 10.44 लाख रुपये का घोटाला उजागर हुआ। बीडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। इस मामले में डीएम अमित किशोर ने ग्राम प्रधान को साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने को कहा। कोई साक्ष्य व गवाह न दे पाने की स्थिति में जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान मदनलाल निषाद के पावर को सीज करते हुए दुरुपयोग की गई धनराशि का आधा हिस्सा 5.22 लाख की वसूली का आदेश दिया है। साथ ही खंड विकास अधिकारी को ग्राम पंचायत के तीन निर्वाचित सदस्यों का चयन कर 15 दिन के अंदर त्रिसदस्यीय कमेटी के गठन का निर्देश दिया है। साथ ही मामले की अंतिम रूप से जांच के लिए जिला सेवायोजन अधिकारी एवं तकनीकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को नामित करते हुए जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।