संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर का एक्यूआई 160 पहुंच गया है। जगह-जगह निर्माण कार्य और सड़कों पर रखे बालू, उड़ रही धूल के कण हवा में मिलकर फिजा को बिगाड़ रहे हैं। इससे हवा खराब हो रही है।
हवा के साथ धूल के कण उड़ने से सांस लेने में दिक्कत हो रही है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 50 से 60 मरीज सांस फूलने, खांसी, एजर्ली की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टर दवा देने के साथ धुल, धुआं से बचाव सहित अन्य सावधानी बरतने की सलाह रहे हैं।
शहर में कई स्थानों पर सड़क, भवन सहित अन्य निर्माण से संबंधित कार्य चल रहे हैं। इस वजह से वायुमंडल में प्रदूषण बढ़ रहा है। शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 160 तक पहुंच गया।
शहर के भटवलिया चौराहा, देवरिया-गोरखपुर ओवरब्रिज सहित विभिन्न मोहल्लो में निर्माण कार्य हो रहे हैं। इसके अलावा सीसी रोड पर नाला निर्माण व भवनों को तोड़ा जा रहा है। सीसी रोड, रुद्रपुर रोड, चकियवा चौराहा, साकेत नगर चौराहा सहित अन्य मोहल्लों व स्थानों पर गिट्टी, बालू सड़क किनारे रखकर बेचे जा रहे हैं।
नालों से निकालकर कचरा भी सड़क पर रखा गया है, उसके सूखने से धूल उड़ रही है। यह सभी व्यस्त इलाके हैं। यहां सुबह से देर रात तक छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता रहता है। इन क्षेत्रों की सड़क और चौराहों पर वाहनों की भीड़ अधिक रहती है।
न्यू काॅलोनी के निहार रंजन पांडेय, प्रदीप कुमार, दिलीप, दिनेश, संदीप कुमार, सिविल लाइंस के राबी शुक्ला, दुकानदार मनोज, विनय कुमार, राजेंद्र, सीसी रोड के राजू, छोटे, डीके पांडेय, श्रीधर आदि ने बताया कि धूल से घर और दुकान गंदा हो जाता है।
बाहर निकल कर वापस आने पर ललाट पर धूल के बारीक कण चिपके रहते हैं। खांसी आती है, सीने में दर्द, सांस फूलने, आंख से पानी आने की समस्या होती है।
मेडिकल कॉलेज में भाटपार रानी क्षेत्र की विद्यावती देवी, पथरदेवा के रामभरोसा, बनकटा के मनोज, गौरीबाजार के राजवंशी प्रसाद सिर दर्द, सीने में दर्द, चक्कर आने, नाक से पानी आने, सांस फूलने की शिकायत लेकर पहुंचे थे।