संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज परिसर में पूछताछ पर अड़े कर्मचारियों की मांग को दरकिनार करते हुए पुलिस महाराष्ट्र के अशोक गावंडे (61) की हत्या के मामले में कोतवाली में ही बुलाकर पूछताछ करेगी।
तीन दिन पहले मेडिकल कॉलेज के सफाईकर्मियों ने पुलिस पर पूछताछ के दौरान पिटाई का आरोप लगाते हुए सीएमएस का घेराव किया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन का तर्क था कि परिसर में बनी पुलिस चौकी पर पूछताछ की जाए। साथ ही, पूछताछ के दौरान किसी मेडिकल अफसर के मौजूद रहने की पुलिस ने इजाजत दे दी है।
महाराष्ट्र के रहने वाले अशोक गावंडे इलाज कराने के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में 27 सितंबर को आए थे। सर्जिकल वार्ड से वह अचानक रात को लापता हो गए थे। छह अक्तूबर को उनका शव मेडिकल कॉलेज के पानी की टंकी में मिला था। अशोक की पत्नी अनीता उर्फ तनु और गोरखपुर के हुमायुंपुर दक्षिणी निवासी साले प्रफूल्ल देवरिया मोर्चरी हाउस पहुंचकर शव की पहचान की थी।
साले की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस वारदात में शामिल कातिलों के करीब पहुंच गई है। अब तक जो भी साक्ष्य हाथ लगे हैं और पूछताछ में सामने बात सामने आई हैं, उसकी कड़ियों को जोड़ना बाकी है, मगर चार दिन पहले अचानक मेडिकल कॉलेज के सफाईकर्मी पुलिस पर पूछताछ के नाम पर कोतवाली बुलाकर पिटाई करने का आरोप लगाने लगे।
यह मामला एसपी संजीव सुमन तक भी पहुंचा। पुलिस इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कैमरे के सामने और समूह में सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों को बुलाकर पूछताछ करने का दावा किया है। पुलिस के हाथ लगे सीसीटीवी फुटेज में अंतिम बार जिस गार्ड से रात में अशोक बात कर रहा है, पुलिस ने उससे काफी कुछ कबुला लिया है। गार्ड को तीन बार कोतवाली बुलाकर पुलिस पूछताछ कर चुकी है।
वहीं पुलिस की जांच में पता चला है कि 27 सितंबर की रात जब अशोक वार्ड से लापता हुआ था, तब सर्जिकल वार्ड में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारी सो रहे थे। उसे वार्ड से बाहर जाते हुए किसी ने नहीं देखा था।