तहसील सड़क पर एकत्रित लोगों को पुलिस ने लाठी भांजकर खदेड़ा। पुलिस की लाठी चलने से लोगों में भगदड़ मच गई। वहीं, टेंट में लगे झंडा को प्रशासन ने उतरवा दिया। इसको लेकर सपा नेताओं और ज्वाइंट/मजिस्ट्रेट के बीच तकरार हुई। इसके अलावा डीएम और एसपी के सामने ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी और बीडीसी सदस्य आपस में भिड़ गए। एसपी के आदेश पर बीडीसी सदस्य को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
सलेमपुर ब्लॉक में मतदान के दौरान सुबह करीब 11.30 बजे डीएम अनिता श्रीवास्तव और एसपी प्रभाकर चौधरी पहुंचे। वोट देने पहुंचे बीडीसी सदस्य रामप्रवेश यादव को प्रत्याशी अमरेश सिंह बबलू ने कतार में खड़ा होने की बात कही। इसको लेकर दोनों लोग डीएम और एसपी के सामने उलझ गए।
एसपी दोनों लोगों को चेतावनी देकर शांत कराया और हिरासत में लेने की बात इंस्पेक्टर से कही। वोट देने के बाद बीडीसी सदस्य रामप्रवेश यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं तहसील गेट पर टेंट व झंडा लगाकर सपा नेता बैठे थे। भटनी और लार ब्लॉक का दौरा करने के बाद दिन में करीब 2 बजे पहुंचे एसडीएम सत्येन्द्र कुमार ने आचार संहिता का उल्लंघन करने का हवाला देते हुए टेंट और झंडा हटाने को कहा।
इस पर पूर्व विधायक स्वामीनाथ यादव, युवजन सभा के पूर्व प्रदेश सचिव ओपी यादव और एसडीएम के बीच जमकर तकरार हुई। सड़क पर लोगों का जमावड़ा देख एसडीएम के आदेश पर पुलिस और पीएसी के जवानों ने लाठी मारकर लोगों को खदेड़ा।
प्रशासन का तेवर देख बाद में सपा नेताओं ने टेंट में बांधे गए पार्टी झंडा को उतार लिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेेट/एसडीएम सत्येन्द्र कुमार ने बताया वीडियोग्राफी कराई गई है। झंडा और टेंट लगाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सड़क पर जमे लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने हल्क ा बल का प्रयोग किया था।