संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। भलुअनी कस्बे के वार्ड नंबर 13 गांधीनगर निवासी मनीष उर्फ मोनू सिंह की हत्या के बाद सुर्खियां में आए सोशल मीडिया गैंग 149 के गुर्गों की तलाश शुरू हो गई है। पुलिस इस गैंग से जुड़े सदस्यों की पहचान कराने में जुटी हुई है।
हालांकि, मनीष की हत्या के मुख्य आरोपी चाइना अंसारी के हाॅफ एनकाउंटर और जेल जाने के बाद से गैंग के गुर्गों द्वारा सोशल प्लेटफाॅर्म से अपनी-अपनी आईडी डिलीट करने लगे हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि गैंग से जुड़े गुर्गों की पहचान और उनकी धरपकड़ के लिए चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों आदि की फुटेज खंगाल रही है।
गांधीनगर निवासी मनीष उर्फ मोनू सिंह की चाकू से गोदकर हत्या के बाद से पुलिस सतर्क है। ऐसी घटनाओं पर रोकके लिए पुलिस चर्चा में आए 149 गैंग की कुंडली खंगालना शुरू कर दी है। बरहज, मईल, भलुअनी और सुरौली थाना क्षेत्र में गैंग से जुड़े गुर्गों की तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं। रफ्तार आदि गैंगों द्वारा पूर्व में किए गए घटनाओं को लेकर सलेमपुर, लार और खुखुंदू पुलिस भी सक्रिय है।
बताया जा रहा है कि पुलिस 149 गैंग से जुड़े 100 से अधिक मनबढ़ों की आईडी की सूची तैयार कर ली है। इनके अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। व्हाट्सएप, मैसेंजर, इंस्ट्रागाम के साथ दुकानों और सार्वजनिक जगहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से भी इनके पूर्व की गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस पूर्व में सोशल प्लेटफार्म पर पोस्ट की गई तस्वीर, गाड़ियों के संदिग्ध नंबर प्लेट का भी सहारा ले रही है। चर्चा है कि इस 149 गैंग में लोकल के अलावा बाहरी सहित करीब 600 लोग शामिल थे। पुलिस इनकी पहचान करा रही है, ताकि उन कार्रवाई की जा सके। चाइना अंसारी इसका सरगना बताया जा रहा है।