संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। किराना व्यवसायी के घर में दिनदहाड़े घुस कर पत्नी की हत्या के बाद लूट के मामले में छह माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इसके अलावा तीन साल पहले कस्बे के एक व्यवसायी पुत्र की गला और पैर की अंगुलियां काट शव फेंक दिया था।
इस मामले में भी तह तक पुलिस नहीं पहुंंच पाई है। लार क्षेत्र के शास्त्रीय नगर वार्ड के घनश्याम गुप्ता किराना व्यवसायी हैं। 13 नवंबर 24 को परिवार के सदस्य काम पर गए थे। घर पर 60 वर्षीय पत्नी चंद्रावती मौजूद थीं।
सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच घर मेंं घुसे बदमाशों ने सिर में धारदार हथियार से प्रहार कर चंद्रावती की हत्या कर दी थी। 10 लाख रुपये सहित जेवरात लूट कर फरार हो गए।
तहरीर के आधार पर पुलिस हत्या व लूट का केस दर्ज कर बदमाशों की तलाश में जुट गई। आसपास के दो सौ से अधिक लोगों से पूूछताछ की गई। दिसंबर 24 के अंतिम सप्ताह में एसपी विक्रांत वीर व्यवसायी के घर पहुंच घटना स्थल का निरीक्षण किया।
इसके बाद एसओजी और लार पुलिस को हत्याकांड के जल्द खुलासा के निर्देश दिए। इसके बावजूद छह माह पहले पुलिस ने जहां से छानबीन शुरू की थी, वहीं पर खड़ी है।
उधर, 24 जून 22 की सुबह लार नगर के बाजार वार्ड के 17 वर्षीय मोहम्मद रहमान की बेरहमी से गला रेत और पैर की अंगुलियां काट हत्या कर दी गई थी। शव मेहरौना कौषड़ मार्ग के किनारे मिला था।
पिता सलीम की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों पर हत्या का केस दर्ज किया था। वारदात के तीन साल बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं होना पुलिस की कार्यशैली को कठघरे में खड़ी कर रही है।
सूत्रों की मानें तो दोनों हत्याओं के खुलासे के लिए पुलिस ने चार हजार से अधिक मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगाए थे। फिर भी पुलिस के हाथ अहम सुराग नहीं लग पा रहे हैं।