फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: शराब और पशु तस्करों का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

Sun, 17 May 2026 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। बिहार और उत्तर प्रदेश के तस्करों के गठजोड़ ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय गिरोह पगडंडियों और गांवों के संपर्क मार्गों का तो इस्तेमाल करते ही हैं, अब नदी का भी प्रयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में शराब और पशु तस्करों को रोकने के लिए पहले माफिया के आपसी नेटवर्क को ध्वस्त करना जरूरी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जिले में छह साल में पशु तस्करी के 290 आरोपी चिह्रित किए गए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इनमें से कुछ तस्कर अब भी धंधे में जुड़े हुए हैं। कुछ खेती-बाड़ी कर रहे हैं तो कुछ रोजगार के सिलसिले में दूसरे प्रदेशों में हैं।
बिहार सीमा से सटे थाना क्षेत्र बरियारपुर, महुआडीह, भाटपार रानी, बनकटा, भटनी, लार, श्रीरामपुर के अगल-बगल के गांवों में जो बिहार बाॅर्डर से सटा हुआ है, उन गावों में तस्करों ने अपना ठिकाना बना रखा है।
विज्ञापन

इसके अलावा बिहार प्रांत के सेलउर, गुठनी और श्रीकलपुर सहित आसपास के गांवों में भी तस्करों ने नेटवर्क फैला रखा है। पुलिस को आशंका है कि इन गांवों से संचालित गिरोह शराब और पशुओं की खेप को सीमाई रास्तों से पार कराते हैं।
तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए अलग-अलग मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें मुख्य रूप मेहरौना घाट से गुठनी, चनुकी होकर सोहगरा और पटनेजी से खरवानिया होते हुए बिहार में प्रवेश किया जाता है।
इसके अलावा रामपुर बुजुर्ग के रास्ते भी तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। सबसे अधिक चुनौती चुरिया मानिकपुर क्षेत्र में सामने आ रही है, जहां नाव के जरिए नदी पार कर पशु और शराब की खेप बिहार पहुंचाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें