देवरिया। आयुष अपहरण प्रकरण में क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन की जांच से बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आयुष के पास क्रिप्टोकरेंसी कहां से आई और इसके लेनदेन में कौन-कौन शामिल थे। आयुष की चुप्पी और मोबाइल लापता होने से जांच में चुनौती आ रही है। पुलिस अब क्रिप्टोकरेंसी के स्रोत और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के पिपरा मदन गोपाल निवासी आयुष सिंह का 28 सितंबर की शाम महुआडीह थाना क्षेत्र के बलटिकरा चौराहे के पास कार सवार बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर अपहरण कर लिया था। अपहरणकर्ताओं ने उसके दोस्त के व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर 35 से 40 हजार यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी की फिरौती मांगी थी। पुलिस का दबाव बढ़ने पर बदमाश 29 सितंबर की सुबह करीब 4:30 बजे आयुष को गोरखपुर के पैडलेगंज में छोड़कर भाग गए।
मामले में पुलिस ने एक अक्तूबर को अभिषेक चौहान और दो अक्तूबर को सत्या विश्वकर्मा व सौरभ राय उर्फ नवीन राय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब पुलिस उन दो कथित मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है, जिनमें एक पर आयुष की मुखबिरी करने और दूसरे पर अपहरण में शामिल होने का आरोप है।
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मास्टरमाइंड के मुंबई भागने की आशंका
महुआडीह पुलिस को आयुष अपहरण प्रकरण के मास्टरमाइंड के मुंबई भाग जाने की आशंका है। इसके अलावा दो आरोपियों के जेल में होने की भी बात है। कहा जा रहा है कि पुलिस के हत्थे चढ़ने से बचने के लिए आरोपियों ने यह पैंतरा चला है। आरोपी चाहते हैं कि वह जेल में रहते हुए अदालत में हाजिर हों और फिर जमानत कराकर बाहर आ जाएं, किसी तरह पुलिस के हत्थे चढ़ने से बच जाएं। दूसरी ओर पुलिस हर हाल में क्रिप्टोकरेंसी के रैकेट तक पहुंचना चाहती है, इसलिए सभी आरोपियों की सर्विलांस कर रही है। थाना प्रभारी महुआडीह अमित कुमार राय ने बताया कि केस की जांच चल रही है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।
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कोट
आयुष अपहरण प्रकरण में कुछ आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस सर्विलांस कर रही है। सभी आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
-संजय कुमार रेड्डी, सीओ सिटी