संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महाराष्ट्र के अशोक गावंडे (61) के कातिलों के करीब पुलिस पहुंच गई है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस दो सुरक्षा गार्डोंं और पांच स्वास्थ्य कर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बृहस्पतिवार की रात तक गार्डों और एक स्वास्थ्यकर्मी से अलग-अलग हुई पूछताछ में पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। इससे मेडिकल कॉलेज प्रशासन की बेचैनी बढ़ गई है।
शुक्रवार की देर शाम तक मेडिकल कॉलेज परिसर में शक के घेरे में आए दोनों गार्डों को लेकर स्वाॅट टीम घूमती रही।
बता दें कि महाराष्ट्र निवासी अशोक गावंडे 22 सितंबर को गोरखपुर के हुमायुंपुर दक्षिणी अपने ससुराल आए थे। साले अाैर तिलक मैरिज हाॅल के मालिक प्रफुल्ल से मुलाकात की थी। मुंबई जाने के लिए 12 सौ रुपये मांगा था। रुपये देकर प्रफुल्ल ने टेंपो से अशोक को रेलवे स्टेशन भेजवा दिया था। अशोक के पैर में गहरा जख्म था। 25 सितंबर को अशोक देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचा और इमरजेंसी से उसे सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया।
अगले दिन अशोक वार्ड से लापता हो गए और 27 सितंबर को दोबारा भर्ती हो गए, मगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वार्ड से मरीज लापता होने की सूचना किसी जिम्मेदार को नहीं दी।
अशोक की लाश मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में 6 अक्तूबर को मिलने से खलबली मच गई थी। इस मामले में पुलिस ने साले की तहरीर पर अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस अब तक की जांच में 50 बार से अधिक बार मेडिकल कॉलेज और पानी की टंकी के पास जा चुकी है।
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को जो सुराग मिले हैं, उस आधार पर पुलिस और स्वाॅट टीम जांच कर रही है। वारदात की रात मेडिकल कॉलेज भवन में तैनात दो गार्डों की भूमिका संदेह के घेरे में है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस जांच के साथ ही गार्डोंं की गतिविधियों पर भी नजर बनाए है। एक गार्ड वारदात की रात से कुछ दिन के लिए अवकाश पर चला गया था, मगर पुलिस उसे फालो करती रही। माना जा रहा है कि अशोक की हत्या में शामिल कातिलों तक पहुंचने में पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिल चुके हैं।
सूत्रों की मानें तो 27 सितंबर यानी वारदात वाली रात मेडिकल कॉलेज भवन में तैनात गार्ड के सीने में छीपे अशोक की हत्या का राज पुलिस को उगलवाने में काफी हद तक सफलता मिल गई है।े