संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। छेड़खानी के मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी विवेक ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में बृहस्पतिवार को सरेंडर कर दिया।
जहां से उसे अपर सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो वीरेंद्र सिंह की अदालत से अंतरिम जमानत मिल गई। अदालत ने अभियोजन के तर्कों को खारिज करते हुए आरोपी को जेल भेजने से मना करते हुए अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। आरोपी ने पुलिस के दबाव के चलते कोर्ट में सरेंडर किया है। तरकुलवा थाना क्षेत्र के एक विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा आठ की दो छात्राएं परीक्षा देकर चार अक्टूबर को अपने घर वापस लौट रही थीं। रास्ते में बाइक सवार चार मनबढ़ युवकों ने छेड़खानी की। मामले में पुलिस स्कूल के प्रबंधक की तहरीर पर चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई जुट गई। मुठभेड़ में घायल दो आरोपियों को जेल भेजने व एक बाल सुधार गृह भेजने के बाद पुलिस चौथे अभियुक्त के लिए लगातार छापामारी कर रही थी, लेकिन उसके हाथ नहीं आ रहा था पुलिसिया दबाव बढ़ता देख विवेक ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पुलिस को चकमा देकर सरेंडर कर दिया। तरकुलवा थाना क्षेत्र के बंजरिया निवासी विवेक सैनी पुत्र रमई सैनी ने अपने अधिवक्ता अजीत तिवारी के द्वारा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर अंतरिम जमानत की मांग की।
अधिवक्ता का तर्क था कि पुलिस मामले को बढ़ा-चढ़ा कर प्रस्तुत कर रही है। इतना ही नहीं आरोपियों को पकड़ कर गोली मार रही है, ऐसी स्थिति में किसी तरह छिपकर वह अदालत में आत्मसमर्पण करने आया है, ऐसी स्थिति में अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाना आवश्यक है। बचाव पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए अदालत ने मामले में अंतरिम जमानत मंजूर करते हुए आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया। अगली तिथि उपस्थित होने की 24 अक्तूबर तय कर दी।