संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। धर्मांतरण के मामले में जेल भेजे गए एसएस मॉल के मालिक उस्मान गनी की पत्नी तरन्नुम की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अब कोर्ट से गैर जमानत वारंट जारी कराने की तैयारी में जुट गई।
वारंट जारी होने के बाद देश के किसी प्रदेश की पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकेगी। एसपी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कोतवाली पुलिस के अलावा एसओजी टीम लगा रखी है, मगर 16 दिन बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है।
जानकारी के अनुसार, मदनपुर थाना क्षेत्र के एक युवती की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने एसएस मॉल के मालिक उस्मान गनी, उसकी पत्नी तरन्नुम और साले गौहर पर धर्मांतरण की कोशिश और अश्लील हरकत करने के आरोप में केस दर्ज किया है। इस मामले में उस्मान गनी को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजवा चुकी है।
इसके साले गौहर को पहले ही खुखुंदू पुलिस ने धर्मांतरण कराकर निकाह करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस गौहर का भी रिमांड ले चुकी हैं। पुलिस की विवेचना में उस्मान गनी के भाई इसराफिल की भूमिका भी मिली, इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
उधर, कोतवाली क्षेत्र के भरौली बाजार महुआबारी निवासी शाह आलम पीड़िता के केस में गवाह है। वह पहले एसएस माॅल में अकाउंटेंट था। उसके घर तीन दिन पहले रात करीब नौ बजे मूड़ाडीह गांव निवासी एसएस मॉल का मैनेजर शकील अंसारी अपने साथी रोहित के साथ पहुंचे और गवाह से युवती को केस वापस लेने के लिए राजी कराने तथा गवाही से मुकरने के लिए दबाव बनाने लगे।
ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस पर शाह आलम के भाई सलमान से कहासुनी हुई और विवाद की स्थिति आ गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने एसएस मॉल के मैनेजर शकील अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। सलमान की तहरीर पर पुलिस ने शकील अंसारी और इसके साथ गए रोहित पर केस दर्ज कर अगले दिन शांतिभंग में चालान कर दिया था। ा