संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। बरवा सेमरा गांव में शनिवार की शाम को खेलते समय रहस्यमय ढंग से लापता पांच साल की बच्ची प्रिया यादव की हत्या क खुलासा नहीं हो सका है। चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
रविवार की सुबह बच्ची का क्षत-विक्षत शव गन्ने के खेत से मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण इस हत्याकांड में शामिल लोगों के गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस उन्हें विसरा जांच रिपोर्ट के आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दे रही है। पुलिस की इस थ्योरी से परिजनों में असंतोष है।
क्योंकि बंजरिया गांव के डीजे संचालक हीरालाल शर्मा के हत्याकांड के खुलासे की थ्योरी उनके भरोसे को तोड़ रही है। जानकारी के अनुसार, बरवा सेमरा गांव निवासी राजू यादव की पांच वर्षीय बेटी प्रिया यादव शनिवार की शाम को गांव के शिव मंदिर के पास सहेलियों के साथ खेलने गई थी। उसी दौरान वह रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी। रविवार की सुबह उसका क्षत-विक्षत शव गन्ने के खेत में मिला था।
शनिवार की रात में ही पुलिस ने प्रिया की मां सुनीता देवी की तहरीर पर अज्ञात पर अपहरण का केस दर्ज किया था। वारदात के चौथे दिन भी पुलिस हवा में तीर चला रही है। पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है। इससे गांव के लोगों का आक्रोश चरम पर है। उधर, पुलिस के मुताबिक बच्ची के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है।
विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस मामले में पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस विसरा जांच रिपोर्ट के नाम पर मामले को लंबा करने की कोशिश कर रही है, ताकि कुछ दिनों बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाए।
उनका आरोप है कि थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव में भी इसी तरह एक डीजे संचालक की हत्या हो गई और पुलिस विसरा जांच रिपोर्ट आने की बात कहकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इस पूरे घटनाक्रम में प्रिया के पिता राजू यादव और गांव के लोगों का कहना है कि विसरा रिपोर्ट से सिर्फ मौत के कारण का पता चल पाएगा, इस मामले में शामिल अपराधियों का पता लगाने का काम पुलिस प्रशासन का है।
अधिकतर ग्रामीण यह कहते सुने गए कि बच्ची के लापता होने के तत्काल बाद ग्रामीणों के साथ पुलिसकर्मियोंं मौके पर पहुंच कर ड्रोन कैमरे और डॉग स्क्वायड की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिसकर्मी और ग्रामीणों ने गन्ने के खेत में घुस कर तलाशी की, मगर बच्ची का कोई अता पता नहीं चला था।
सुबह सड़क के चंद कदम भीतर ही उसी गन्ने के खेत से शव बरामद हुआ। इससे आशंका है कि जो लोग इस वारदात में शामिल हैं, वे बच्ची को अपने पास रखें हों और रात के समय सुनसान देखकर उसका शव फेंक दिया हो। इस एंगल से भी पुलिस को जांच करनी चाहिए।