संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। थाना क्षेत्र में तीन महीने के भीतर दो गांवों में हुई दो हत्याओं का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर पाई है। पुलिस के लिए दोनों हत्याएं अबूझ पहेली बन चुकीं हैं। इससे पीड़ित परिवारों में आक्रोश है। बंजरिया गांव निवासी डीजे संचालक हीरालाल शर्मा उर्फ बिकाऊ (30) पुत्र केदार शर्मा की नौ अगस्त की रात को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला था। उसका शव अगले दिन सुबह गांव के बाहर एक स्कूल के पास धान के खेत में पड़ा था।
पत्नी नीतू की तहरीर पर पुलिस अज्ञात लोगों पर हत्या के आरोप में केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने परिजनों को आश्वस्त किया था कि जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा और अपराधी जेल में होंगे।
वारदात के तीन महीने बाद भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस अब इस मामले में जांच कर ही रही थी कि 19 सितंबर की शाम को क्षेत्र के बरवा सेमरा गांव में सहेलियों के साथ शिव मंदिर परिसर में लुकाछिपी खेलने गई मासूम प्रियंका यादव (6) पुत्री राजू यादव अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। अगले दिन सुबह उसका शव गन्ने के खेत से क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ था।
इन दोनों मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका था। इसके चलते विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस तीन महीने बाद भी दोनों वारदातों का खुलासा नहीं कर पाई है। ताबड़तोड़ हुईं दो हत्याओं का खुलासा न होना पीड़ित परिवार वाले पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय ने बताया कि दोनों वारदातोंं की जांच चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, इसलिए विसरा जांच के लिए भेजा गया है।
विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों वारदातों का खुलासा कर दिया जाएगा।