संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में लगने वाले जाम व निर्माण कार्यस्थल से उड़ने वाली धूल, धुएं से हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। एक्यूआई का स्तर 158 के स्तर पर पहुंच गया है। हवा के प्रदूषित होने के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है।
यही कारण है कि लोग मास्क लगाकर चलने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नगर के अलावा कई इलाकों में जाम की वजह से कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है। इन इलाकों में दिन में दिल्ली जैसा हाल बन रहा है। वहीं मौसम विज्ञानी का कहना है कि पछुआ हवा चलने के कारण पश्चिम जैसे दिल्ली की ओर से आ रही हवाएं इधर की तरफ ट्रांसफर हो रही हैं। इससे एक्यूआई का स्तर धीरे-धीरे घट रहा है। वही मेडिकल कॉलेज में शनिवार को सांस से संबंधित 120 मरीज पहुंचे।
शहर के कसया ढाला, पुरवा चौराहा, चीनी मिल मोड, रुद्रपुर मोड़, सोनू घाट और रेलवे माल गोदाम इलाके में सांस के ही नहीं सामान्य लोगों के भी सांसें फूल रहे हैं। इनहेलर पर निर्भरता भी बढ़ रही है। जानकारों की सलाह है कि धूल-धुएं से बचना है मास्क लगाएं वरना फेफड़ों का दम निकल जाएगा। दमा, एलर्जी या फेफड़ों की गंभीर बीमारी के शिकार हो जाएंगे।
रोडवेज परिसर में उड़ती है धूल
शहर के रोडवेज परिसर में भी इस समय खड़े हाेने लायक नहीं है। परिसर पक्का नहीं होने से बसों के आने और जाने से धूल उड़ती है, जिससे वहां बस पकड़ने आए यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत होती है। महेंद्र मिश्र और ज्ञानेन्द्र सिंह जो रोज गोरखपुर नौकरी पर आते जाते हैं। इनका कहना है कि गेट के बाहर या गेट के पास खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं। अंदर परिसर में धूल के कारण खड़ा होना मुश्किल होता है।
सांस के रोगी बरतें विशेष सतर्कता
मेडिकल कॉलेज में चेस्ट विभाग के हेड अनुराग शुक्ला का कहना है कि इन स्थलों पर जाने से बच्चे और बुजुर्ग जाने से परहेज करें। साथ ही सांस के रोगी विशेष सतर्कता बरतें। क्योंकि उनकी समस्या और गंभीर हो सकती है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के ओपीडी और इमरजेंसी की बात करें तो शुक्रवार को यहां 120 मरीज पहुंचे। शुक्रवार को 60, बृहस्पतिवार को 130, बुधवार को 148 मरीज, मंगलवार को 155 और सोमवार को 185 मरीज सांस की दिक्कत को लेकर ओपीडी में पहुंचे। बीमारी से इमरजेंसी के मरीजों को ऑक्सीजन देने के साथ इलाज किया जा रहा है, जबकि ओपीडी के मरीजों को दवा के साथ-साथ एहतियात बरतने की सलाह भी दी जा रही है। मेडिसीन के अध्यक्ष सराजुद्दीन ने बताया कि प्रदूषण के चलते एक सप्ताह से केस बढ़े हैं। सुबह टहलने निकले वाले लोग प्रदूषण से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। अक्सर ऐसे केस आ रहे हैं, जिसमें व्यक्ति को लगातार खांसी आ रही है। जांच में पता चलता है कि ऐसा धूल व धुएं के प्रदूषण की वजह से हो रहा है। इसलिए लोगों को सलाह दी जा रही है कि सुबह आठ बजे के बाद ही टहलने निकलें। टहलते वक्त मास्क पहनकर ही निकलें।
विशेषज्ञों ने दी मास्क लगाने की सलाह
धूल उड़ने और कोहरे के चलते एक्यूआई 158 पर पहुंच गया है, जिससे लोगों को सांस लेने की दिक्कत होने लगी है। ऐसे में चिकित्सक लोगों को मास्क लगाने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सक डॉ. एचके मिश्र ने कहा कि सांस लेने में परेशानी वाले मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। कहा कि प्रदूषण के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। ऐसे में लोगों को सुबह सैर-सपाटे के दौरान मास्क लगाना चाहिए। बुजुर्ग लोगों को जरूरी न हो तो सुबह के समय टहलने से परहेज करना चाहिए।