संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में बस स्टेशन का पुराना जर्जर भवन तीन साल पहले ही तोड़ दिया गया था। इसके बाद नए भवन का निर्माण अब तक नहीं शुरू नहीं हो पाया। बस स्टैंड के नए भवन के निर्माण की बात फाइलों में कैद होकर रह गई है।
इससे गर्मी, बरसात और जाड़े में यात्रियों को मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। इस मामले में हाईकोर्ट में दाखिल पीआईएल पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए विभाग को जरूरी निर्देश दिए थे, पर अब तक भवन निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। वहीं 30 लाख रुपये की लागत से बन रहा एक नया यात्री शेड भी अधूरा है।
शहर में करीब 50 साल पहले बस स्टेशन के भवन का निर्माण हुआ था। समय के साथ यह भवन जर्जर हो गया। तीन साल पहले इसे तोड़कर नया भवन बनाने की बात हुई। पर नए बस स्टेशन भवन की कवायद फाइलों ही में कैद रह गई।
यहां से रोजाना करीब 36 हजार लोग यात्रा करते हैं। इसमें लोकल के साथ ही लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, प्रयागराज, अयोध्या समेत कई शहरों में लोग आते-जाते हैं
इस बस स्टेशन से 144 अनुबंधित बसें और रोडवेज की 83 रोज रवाना होती हैं। इसके अतिरिक्त 30 अन्य डिपो की बसें भी यहां से होकर गुजरती हैं। यात्री बस पकड़ने के लिए बस स्टेशन पहुंचते हैं, मगर यहां पर थोड़ी देर इंतजार करना भी भारी पड़ने लगता है।
मौसम की मार से यात्री बेहाल हो जाते हैं। दो दिन से हो रही बारिश में यात्रियों को उत्तरी पश्चिमी छोर पर बने शेड तक जाना पड़ रहा है। गर्मी में यात्री धूप से झुलस जाते हैं।
गोरखपुर की नियमित यात्रा करने वाले राजन तिवारी ने बताया कि बस स्टेशन पर पहले की तरह शेड नहीं है। जो शेड हैं, वह एक किनारे हैं। वहां बैठकर बस का इंतजार करने से बस छूट जाने का डर बना रहता हैी। यहां खड़े होकर इंतजार करें, तो भीगना तय है।
31 हजार वर्ग मीटर है बस स्टेशन का क्षेत्रफल ः बस स्टेशन का कुल क्षेत्रफल 31 हजार वर्ग मीटर है। इसमें 10 हजार वर्ग मीटर का क्षेत्र बसों के ठहरने और कार्यालय, शेड और यात्री सुविधाओं के लिए है। बाकी का 21 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र वर्कशाप के लिए है। इसमें वर्कशॉप का लेवल नीचे होने से पानी भर जाता है।