थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला की प्रसव के बाद मौत हो गई। इससे नाराज परिजन थाने पहुंचे और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। मामला बढ़ते देखकर एसओ ने हस्तक्षेप कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए।
गोंहरिया गांव निवासी रामू राजभर की पत्नी रम्भा देवी को शनिवार की रात प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने उसे भलुअनी पीएचसी में भर्ती कराया। अस्पताल के कर्मचारियों ने प्रसव के लिए तीन हजार रुपये जमा करा लिए। एक घंटे बाद महिला ने बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा को स्वस्थ बताकर दो घंटे बाद एंबुलेंस से घर भेज दिया। जबकि 48 घटे बाद प्रसूता को अस्पताल से छोड़ा जाना चाहिए। घर आते ही प्रसूता की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन प्रसूता को अस्पताल ले जाने की तैयारी में थे कि रविवार की सुबह उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोग उग्र हो गए और थाने पहुंच कर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। मामला बढ़ते देखकर एसओ शिवशंकर चौबे ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ शिवशंकर चौबे ने बताया कि भलुअनी थाने का मामला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। जबकि मासूम का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।