पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया।
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देवरिया। पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए धरना दिया। उनका कहना था कि तत्कालीन सरकार ने 10 अगस्त 1950 को अध्यादेश के जरिए मुसलमानों को अधिकारों से वंचित कर दिया है।
इसके चलते राजनीतिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़ते जा रहे हैं। राष्ट्रपति को संबोधित मांगपत्र एसडीएम सदर को दिया। संगठन के कार्यकर्ता बुधवार को नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचें। इसके बाद धरना शुरू कर दिया। प्रदेश सचिव अमीउल्लाह अंसारी ने कहा कि आजादी के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मुसलमानों के खिलाफ साजिश शुरू कर दिया।
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रपति से एक अध्यादेश जारी कराया। इसके चलते दलित मुसलमान आरक्षण से वंचित हो गए। उन्होंने कहा कि हिंदू और बौद्ध दलितों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है लेकिन मुसलमानों को नहीं। कांग्रेस का दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष नसीम अहमद ने कहा कि मुस्लिम इलाकों का विकास कराने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में मुसलमानों का प्रतिनिधित्व कम होता जा रहा है। इस दौरान अलाउद्दीन अंसारी, मोहम्मद तारिक, मोहम्मद इद्रीस, अहमद अली, जैनुल आब्दीन, कौशल पांडेय, अब्दुल हमीद आदि मौजूद रहे।