महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज के हड्डी रोग विभाग की ओपीडी के सामने उमड़ी भीड़, फोटो संवाद
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट महज एक तकनीशियन के भरोसे चल रहा है। इससे मरीजोंं की जान खतरे में है। इसके अलावा एक्सरे समेत अन्य जगहों पर भी तकनीशियनों की कमी है।
मेडिकल कॉलेज में दो ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हैं। इनसे 1960 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। इससे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से लेकर सभी छह वार्ड और पीआईसीयू तक ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है।
इतने बड़े स्ट्रक्चर के लिए मेडिकल कॉलेज में महज एक प्रशिक्षित तकनीशियन तैनात है। इसकी जिम्मे पूरे सिस्टम के सही संचालन की जिम्मेदारी है।
अगर यह कर्मचारी किसी आवश्यक कार्य से छुट्टी पर चला जाए तो ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित हो सकती है। यह स्थिति तब है जब कॉलेज को शुरू हुए चार साल बीत चुके हैं और यह प्लांट कोविड के समय का स्थापित है।
20 हजार लीटर की ऑक्सीजन स्टोरेज यूनिट : मेडिकल कॉलेज परिसर में 20 हजार लीटर ऑक्सीजन स्टोरेज यूनिट संचालित है। इसमें आपातकालीन परिस्थितियों में मेडिकल ऑक्सीजन स्टोर किया जाता है। जिससे प्लांट के फेल होने की स्थिति में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सके। वहीं जरूरत पर ऑक्सीजन सिलिंडर भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन मंगा लेता है, लेकिन प्लांट और स्टोरेज यूनिट के लिए सिर्फ एक तकनीशियन की तैनाती है।