देवरिया। नगर पंचायत रुद्रपुर के खसरा के अभिलेख में कूटरचना कर गलत नाम वरासत करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, लिपिक, तत्कालीन चेयरमैन प्रतिनिधि समेत दस लोगों पर केस दर्ज करने को कहा है। मामले का खुलासा जनसूचना अधिकार के तहत हुआ था।
नगर के बरई टोला वार्ड निवासी राघव तिवारी ने न्यायालय में वाद दाखिल कर बताया था कि उनकी पैतृक जमीन पर पड़ोस के लोगों ने गलत तरीके से अपना नाम वरासत करा रखा है। जिसमे चेयरमैन, ईओ, लिपिक सहित दस लोगों ने मिलकर अभिलेख में कूटरचना की। नगर पंचायत कार्यालय में फर्जी कागजतों पर वरासत के कई मामले में हुए हैं। वादी ने सभी दस्तावेज प्रमाणित मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को केस दर्ज करने की सूचना दी, कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय में वाद दाखिल किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी ने पूर्व चेयरमैन लालमती देवी, तत्कालीन ईओ कमलेश कुमार शाही, लिपिक विनोद शुक्ला, वीरेंद्र शर्मा, भगवान तिवारी सहित दस लोगों पर अभियोग पंजीकृत करने का आदेश दिया है। प्रभारी निरीक्षक रतन कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस कोर्ट का आदेश प्राप्त होते ही नियमानुसार प्रकरण में कार्रवाई करेगी।