कांती का आरोप है कि वह भाभी की मौत का शोर मचाते बाहर निकली तो अस्पतालकर्मी भागने लगे। एक कर्मचारी के हाथों से उसके कार की चाबी छीन ली। तो उसने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि तुम्हारी भाभी अभी जिंदा हैं। जांच करने वाली मशीन यहां नहीं हैं। गोरखपुर जाना पड़ेगा।
आरोप है कि इसके बाद कर्मचारियों ने रिंकी के शव को एंबुलेंस में रख दिया और साथ में उसकी मां को बैठा दिया। कांती को कार में बैठाकर उसका मोबाइल अस्पतालकर्मी ने अपने कब्जे में ले लिया।कांती के अनुसार, रास्ते में कर्मचारियों ने जान से मारने और लाश गायब करने की धमकी दी। दो घंटे बाद गोरखपुर पहुंचे वहां तारामंडल के किसी अस्पताल के बाहर शव उतारकर कर्मचारी भाग गए। इसके बाद परिजन शव लेकर थाने पहुंचे।
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बघौचघाट इंस्पेक्टर मृत्युंजय राय ने बताया कि शव को लेकर घर वाले आए थे। आरोप लगा रहे थे कि देवरिया के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही के चलते महिला की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
दुबई रहते हैं रिंकी के पति
रिंकी देवी के पति राकेश दुबई में रहते हैं। घर पर रिंकी अपने बेटे अमित और बेटी प्रीती के साथ रहती थी। पेट में पथरी की शिकायत के बाद घर पर ननद कांती देखरेख के लिए आई थी। उधर, मौत की खबर सुनकर पोस्टमार्टम हाउस गांव वालों की भीड़ जुट गई थी।
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अस्पताल का रजिस्ट्रेशन था। रिनीवल अभी तक नहीं हुआ है। प्रक्रिया में चल रहा है। महिला की मौत की जानकारी मुझे नहीं है। लिखित शिकायत मिलती है तो अस्पताल की जांच कराई जाएगी।
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डॉ. राजेश झा सीएमओ
-अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है। सीएमओ कार्यालय में रिनीवल के लिए आवेदन किया गया है। सर्जन डॉ.पीएन कुशवाहा महिला का ऑपरेशन किए थे, ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी तो हायर सेंटर गोरखपुर रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। यहां पर महिला की मौत नहीं हुई है और ना ही अस्पतालकर्मी मारपीट किए हैं।
-सत्यप्रकाश चौहान मेडिवेव अस्पताल मैनेजर।