देवरिया। प्रदेश सरकार द्वारा बुधवार को प्रस्तुत बजट को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बजट में घोषणाओं की भरमार है लेकिन जमीनी स्तर पर रोजगार और किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर स्पष्टता नहीं दिखती।
विपक्ष का आरोप है कि 10 लाख रोजगार सृजन की बात कही गई है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें कितनी स्थायी सरकारी नौकरियां होंगी और कितनी संविदा या निजी क्षेत्र से जुड़ी होंगी।
साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि कितनी सरकारी रिक्तियां भरी जाएंगी और युवाओं को वास्तविक नियुक्ति पत्र कब तक मिलेंगे।
किसानों के मुद्दे पर भी विपक्ष ने कहा कि लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं और उत्पादन लागत कम करने के लिए ठोस संरचनात्मक सुधारों का अभाव है।
ग्रामीण आय बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति की जरूरत बताई गई। विपक्षी नेताओं का यह भी कहना है कि बड़ा बजट कर्ज के सहारे तैयार किया गया है, जिससे भविष्य में वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।
उन्होंने इसे विदाई बजट बताते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की है।