फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक माह में मात्र 38 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद

Sat, 30 Apr 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
विज्ञापन
सलेमपुर क्रय विक्रय सहकारी समिति पर बोरे में भरा किसानों का गेहूं
विज्ञापन
समय से बोरा और रुपये उपलब्ध न होने के कारण जिले में लक्ष्य के सापेक्ष एक माह में एक फीसदी भी गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। क्रय केंद्रों के तामझाम से बचने के लिए किसान दरवाजे से अपनी गाढ़ी कमाई व्यापारियों को अच्छे दामों पर बेच रहे हैं। गेहूं की खरीद कम होने के कारण विभागीय अफसरों की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन


 जिले में कई ऐसे क्रय केंद्र हैं जहां एक छटाक भी गेहूं की खरीद ही नहीं हुई है। जिले में गेहूं खरीद की तैयारी समय से न होने के कारण जरूरतमंद किसान व्यापारियों को दरवाजे से अपना गेहूं बेच रहे हैं। किसानों को सरकारी मूल्य के बराबर दाम देने का दावा कर रहे हैं। अफसरों ने कागजों में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू करने का दावा किया। इसके लिए जिले में 102 क्रय केंद्र खोले गए।

शुरुआती दौर में किसान अपना गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्रों पर गए तो बोरा और रुपये नहीं आने की बात कह केंद्र प्रभारियों ने किसानों को लौटा दिया। इसकी वजह से अधिकांश किसान अपना गेहूं पड़ोसी प्रांत बिहार के व्यापारियों से 1500 से 1590 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दरवाजे से ही बेचने लगे। खरीद शुरू होने के करीब बीस दिन बाद क्रय केन्द्रों पर बोरा और रुपये भेजा गया। 
विज्ञापन


इसके बाद जिले के क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हुई। जिले में इस साल नौ लाख क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण अभी तक मात्र 38 हजार क्विंटल ही पूरे जिले में गेहूं की खरीद हो सकी है। इसमें कई ऐसे क्रय केंद्र हैं जहां एक भी क्विंटल गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें