देवरिया। रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत से जूझ रहे उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं दिख रही है। क्योंकि घरेलू रसोई गैस सिलिंडरों का बैकलॉग करीब एक लाख तक पहुंच गया है। वहीं पांच किलो वाला छोटा सिलिंडर भी केवल प्रवासी मजदूरों को दिया जाना है। इस किल्लत का सबसे अधिक असर उन घरों में हो रहा है, जिनके यहां शादी या अन्य मांगलिक कार्यक्रम है।
जिले में करीब साढ़े सात लाख रसोई गैस उपभोक्ता हैं। तीन गैस कंपनियों से जुड़ी 78 एजेंसियां जिले में सक्रिय हैं। वर्तमान में चल रहे संकट का जिले में पहले दिन से ही व्यापक असर है। देवरिया शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हर दिन लोग सिलिंडर के लिए परेशान घूम रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत उन घरों में हैं, जिनके यहां मांगलिक कार्यक्रम है।
वजह यह कि केवल मांगलिक अवसर ही नहीं, कई दिन पहले आने वाले मेहमानों के लिए चाय-नाश्ता और भोजन बनाने के लिए भी सिलिंडर की जरूरत है और वह मिल नहीं रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि पांच किलो वाला सिलिंडर मिल जाएगा तो रसोई घर में वैकल्पिक इंतजाम हो जाएगा, लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं हो पाएगा।
बीपीसीएल के सेल्स ऑफिसर श्याम स्वरूप ने बताया कि यह पांच किलो वाला सिलिंडर प्रवासी मजदूरों ( जो बाहर से आकर यहां रह रहे हैं, जैसे ईंट भट्ठा मजदूर, निर्माण कार्य में लगे दूसरे प्रदेशों के निवासी श्रमिक आदि ) को उनके पहचान पत्र पर अस्थाई रूप से दिया जाना है। इसके पीछे का उद्देश्य यह है कि सिलिंडर के अभाव में मजदूरों को भोजन बनाने में दिक्कत न हो। जिससे कि निर्माण कार्य भी चलता रहे। स्थानीय लोग, जिनके पास पहले से रसोई गैस कनेक्शन है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलना है।
बरियारपुर संवाद के अनुसार पथरदेवा विकास खंड के रामपुर अवस्थी स्थित भारत गैस एजेंसी पर शुक्रवार को भारी अव्यवस्था देखने को मिली। लोगों ने बताया कि रात करीब 2 बजे से ही लोग गैस सिलिंडर के लिए कतार में लग गए थे।इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग शामिल रहे। लाइन में लगे उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसी द्वारा चार दिन पहले की बुकिंग वाले उपभोक्ताओं को ही गैस सिलिंडर दी जा रही है, जबकि हाल की बुकिंग वालों को वापस किया जा रहा है।
इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। कुछ उपभोक्ताओं ने एजेंसी कर्मियों पर आरोप लगाया कि परिचित और सिफारिश वाले लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि आम लोग पूरी रात लाइन में लगने के बावजूद परेशान हो रहे हैं।
मामले को लेकर उपभोक्ताओं ने प्रशासन से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।