खुखुंदू। स्थानीय क्षेत्र के जैतपुरा,अटहर और खुखुंदू गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग से जहां एक एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, वहीं करीब 100 एकड़ से अधिक डंठल भी जल गया। डंठलों के जलने से अब पशुओं के निवाले पर संकट छा जाएगा। एक ही दिन हुई आगजनी में बड़ी संख्या में जले डंठलों से पशुपालक चिंतित हो उठे हैं। उधर, ग्रामीण और फायर ब्रिगेड टीम के अथक प्रयास से शाम तक आग पर काबू पाया गया।
खुखुंदू थाना क्षेत्र के जैतपुरा गांव में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के तरफ एक गेहूं की डंठल में अचानक आग लग गई। इसके बाद डंठल धू-धू कर जलने लगा। तेज हवा होने से आग की लपटें काफी तेजी से अगल-बगल के डंठलों में भी फैल गईं। ग्रामीणों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना देकर मौके पर बुलाया।
ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड के करीब डेढ़ घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तबतक करीब 60 एकड़ से अधिक गेहूं की डंठल जलकर राख हो चुकी थी। उधर, जैसे ही दमकल विभाग की टीम आग बुझाकर यहां से निकली उसके आधे घंटे बाद ही फिर से अटहर में भी डंठलों में आग लग गई।
यहां भी डंठल जलते जलते खुखुंदू तक आग पहुंच गई। यहां अलाउद्दीन और मनोज की करीब एक एकड़ गेहूं की भी फसल और करीब 50 एकड़ तक गेहूं की डंठल जलकर राख हो गई। आस-पास गांवों के लोगों और फायर ब्रिगेड टीम ने कड़ी मशक्कत कर आग बुझाई।
आगजनी की घटना में डंठलों के जलने से चलते अब भूसे का संकट खड़ा हो जाएगा। नतीजा पशुओं के निवाले पर घोर संकट छा जाएगा। क्षेत्र के पशुपालक राजेंद्र यादव, गिरीश मद्धेशिया, पिंटू यादव, भोलू, रत्नाकर शर्मा, अरविंद गुप्ता सहित अन्य का कहना है कि अगर इसी तरह आगजनी होती रही तो पशुओं के निवाले पर बड़ा संकट छा जाएगा।