देवरिया। नाम में हेराफेरी कर पुरवां इंडस्ट्रियल एस्टेट जमीन आवंटित करने के आरोपों का सामना कर रहीं पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को बहस नहीं हो सकी। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 12 जनवरी की अगली तारीख तय की है।
शहर के पुरवां इंडस्ट्रियल एस्टेट में देवरिया में एसपी रहते अमिताभ ठाकुर पर पत्नी नूतन ठाकुर के नाम में हेरफेर कर जमीन आवंटित कराने का आरोप है।
25 साल पुराने इस मामले में सदर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी के चलते सह आरोपी पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने करीब तीन सप्ताह पहले गिरफ्तार किया था।
जिन्हें कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। तबसे वह जेल में हैं। वहीं मुख्य आरोपी नूतन ठाकुर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए नूतन ठाकुर ने अपने अधिवक्ताओं प्रवीण द्विवेदी और अभिषेक शर्मा के जरिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है।
अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका की पैरवी के लिए हम कोर्ट में पहुंचे तो पता चला कि नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका के पक्ष में लगे फर्द सबूत (भूमि के स्वामित्व या अधिकारों का एक आधिकारिक दस्तावेज) को शासकीय अधिवक्ता ने रिसीव ही नहीं किया है। नूतन ठाकुर के अधिवक्ताओं द्वारा कोर्ट के समक्ष अपनी बात कही गई।
इसके बाद शासकीय अधिवक्ता ने फर्द सबूत रिसीव किया। इसके बाद कोर्ट ने 12 जनवरी को नूतन ठाकुर के अग्रिम जमानत की सुनवाई की तिथि निश्चित कर दी।