देवरिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए अब बाह्य केंद्र व्यवस्थापकों की सीधी जवाबदेही तय कर दिया है। इसके पीछे बोर्ड परीक्षा को पारदर्शी और नकल माफिया से मुक्त बनाने की मंशा है।
अभी तक केंद्र व्यवस्थापकों की प्राथमिक जिम्मेदारी तय रही है। इसका सीधा असर जिले के 174 विद्यालयों पर होने वाली परीक्षाओं पर पड़ना तय है।यूपी बोर्ड परीक्षा में जिले से 1.5 लाख छात्र-छात्राएं हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में पंजीकृत किए गए हैं।
यह परीक्षाएं जिले के 174 विद्यालयों पर बनाए गए केंद्रों पर होंगी। इन परीक्षाओं को शुचितापूर्ण संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापकों के साथ किसी अन्य विद्यालय के शिक्षकों को बाह्य केंद्र व्यवस्थापक के तौर पर तैनात किया जाता रहा है पर इनकी भूमिका सीमित रही है।
केंद्र पर किसी गड़बड़ी के केंद्र व्यवस्थापक प्राथमिक तौर पर जिम्मेदार होते रहे हैं। अब बोर्ड ने इसमें बदलाव किया है। परीक्षा के दौरान किसी गड़बड़ी के लिए बाह्य केंद्र व्यवस्थापकों की जवाबदेही तय कर दी गई है। इसका सीध अर्थ है कि कोई गड़बड़ी हुई तो बाह्य केंद्र व्यवस्थापक सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। इस नए दिशा निर्देश के अनुसार किसी केंद्र पर सामूहिक नकल या कक्ष निरीक्षकों की ढिलाई पाई गई, तो संबंधित बाह्य व्यवस्थापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।