देवरिया। पशु तस्करी रोकने के लिए गोरखपुर-कुशीनगर फोरलेन पर बढ़ाई गई सख्ती के बाद अब तस्कर इन दिनों बड़हलगंज से बरहज थाना क्षेत्र के कपरवार मार्ग का इस्तेमाल करने लगे हैं।
इस रास्ते से होकर प्रवेश करने वाले गोवंशों से लदे वाहनों की संख्या बढ़ गई है। यह रास्ता मईल, कुंदौली होते हुए करीब 50 किलोमीटर बाद सीधे लार थाना क्षेत्र में बिहार बॉर्डर तक पहुंच जाता है। आसान पहुंच और कम निगरानी के कारण तस्करों की यह नई पसंद बन गया है।
सूत्रों के अनुसार, आजमगढ़ की ओर से सक्रिय तस्कर इस मार्ग को सुरक्षित मानकर इस्तेमाल कर रहे हैं। गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में हाल में हुई बड़ी कार्रवाई के बाद कुशीनगर की ओर फोरलेन पर चौकसी बढ़ा दी गई है। इसके बाद तस्करों ने रूट बदलते हुए देवरिया की ओर यह वैकल्पिक रास्ता अपना लिया है।
बीते एक सप्ताह में बरहज क्षेत्र में दो बार पुलिस ने तस्करों से गोवंशों को मुक्त कराया है। इन घटनाओं ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पिछले सप्ताह लवरछी मोड़ के पास तेज रफ्तार में जा रही एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई थी। वाहन में सात गोवंश लदे थे। इससे पहले भी पुलिस ने घेराबंदी कर एक वाहन से 11 गोवंशों को छुड़ाया था।
लगातार दो घटनाओं ने इस मार्ग पर तस्करी की सक्रियता को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय अक्सर संदिग्ध पिकअप और ट्रक इस मार्ग से गुजरते दिखते हैं। ब्यूरो