भटनी। नगर में रामलीला मैदान समेत विभिन्न स्थानों पर पड़ा कूड़ा अब नगर वासियों को बीमार करने लगा है। दिन भर दुर्गंध और जलाने के बाद उसके जहरीले धुएं ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। वही नगर से 8 किलोमीटर दूर कुरमौटा ठाकुर गांव में बना डंपिंग हाउस में झाडि़यां उग आई हैं।
छह किलोमीटर दूर मिश्रौली दीक्षित गांव में बने एमआरएफ सेंटर में मक्का और सब्जी की खेती हो रही है। लोगों का कहना है कि जब नगर पंचायत के पास डंपिंग हाउस और एमआरएफ सेंटर मौजूद हैं, तो कूड़ा नगर में इधर-उधर क्यों फेंका जा रहा है। व्यापार मंडल ने इस मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया है।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रशासन की ओर से जिले के हर नगर पंचायत में डंपिंग हाउस और एमआरएफ सेंटर बनाया गया है। भटनी नगर पंचायत के पास जमीन उपलब्ध नहीं होने पर नगर से आठ किलोमीटर पूरब कुरमौटा ठाकुर गांव में छोटी गंडक नदी के किनारे डंपिंग हाउस बनाया गया है।
वहीं उत्तर दिशा में छह किलोमीटर दूर मिश्रौली दीक्षित और वैध मिश्रौली गांव के बीच एमआरएफ सेंटर बनाया गया है। निर्माण के दौरान दोनों गांव के लोगों ने नगर का कूड़ा गांव में लाने की जानकारी पर भारी विरोध-प्रदर्शन किया था, लेकिन प्रशासन ने किसी की बात न सुनते हुए निर्माण कराया था। करोड़ों की लागत से भवन तैयार होने के बावजूद नगर क्षेत्र का कूड़ा अब भी नगर में ही फेंका जा रहा है। इससे आए दिन लोग बीमार पड़ रहे है।
अभी दो दिन पहले रिश्तेदारी में आई एक किशोरी जले कूड़े के जहरीले धुएं से बीमार हो गई थी। इसके अलावा ठाकुर जी कुटी वार्ड, इशरी गुलजार वार्ड और गांधी चौक वार्ड से जुड़े सैकड़ों लोग कूड़े के दुर्गंध और जहरीले धुएं से परेशान हैं।
वहीं दूसरी तरफ नगर पंचायत के डंपिंग ग्राउंड में झाड़ियां उग गई हैं, जबकि एमआरएफ सेंटर में मक्का और सब्जी की खेती हो रही है।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष नवीन कुमार गुप्त ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड और एमआरएफ सेंटर को शहर से उतनी दूर बनाए जाने पर तब आपत्ति जताई गई थी, लेकिन किसी ने नहीं सुना।