पूर्व विधायकों के निधन की सूचना समय से न देने वाले अफसरों पर कार्रवाई होगी। पूर्व में इस मामले में अफसरों की लापरवाही सामने आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सख्त चेतावनी दी है।
संसदीय शिष्टाचार, पत्राचार कार्यान्वयन अनुभाग के प्रमुख सचिव ने देवरिया समेत सभी जिलाधिकारियों और कमिश्नरों को पत्र भेजकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को कहा है।
दरअसल, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और एमएलसी के निधन के बाद विधानसभा सचिवालय को 48 घंटे के भीतर सूचना देने का नियम है लेकिन आमतौर पर इसका पालन नहीं हो रहा है।
समय से सूचना न मिलने के चलते एक वर्ष पूर्व प्रदेश के दस पूर्व विधायकों को सदन में देर से श्रद्धांजलि दी गई। इनमें नौ पूर्व विधायक ऐसे थे जिनका निधन कई साल पहले हुआ था।
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने इस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। उनके निर्देश के बावजूद सूचना देने में लापरवाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
शासनादेश का पालन न होने पर विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने विधानसभा की कार्यवाही के बीच में ही जिम्मेदारों के खिलाफ जांच की बाद कही।
इसके बाद संसदीय शिष्टाचार, पत्राचार कार्यान्वयन अनुभाग के प्रमुख सचिव अब्दुल शाहिद ने आठ अक्टूबर को सभी कमिश्नर और डीएम को निर्देश दिए हैं कि 48 घंटे के भीतर सूचना देने में शिथिलता और ऐसे कृत्य के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें अवगत कराया जाए।
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा है कि जिन जिलाधिकारियों ने सूचना देने में देरी की है, उनकी जांच कराई जाए। भविष्य में कोई भी इस तरह का कृत्य करता है तो उन अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।