देवरिया। डीएम मधुसूदन हुल्गी ने कर-करेत्तर, राजस्व वसूली, चकबंदी, आबकारी, रिट प्रकरण, ऑडिट, सीएम डैशबोर्ड एवं आईजीआरएस कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर अधिशासी अभियंता विद्युत और जिला खनन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, जबकि गौरीबाजार नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश दिया गया।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण आईजीआरएस रैंकिंग प्रभावित होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर भी कार्रवाई के लिए आगाह किया।
राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान डीएम ने वसूली लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने, लंबित आरसी प्रकरणों के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण तथा वसूली के आंकड़ों का संबंधित विभागों से मिलान कर उनकी शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी नगर निकाय की वसूली 70 प्रतिशत से कम पाई गई तो संबंधित अधिशासी अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। राजस्व वादों की समीक्षा में पुराने और लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया गया।
चकबंदी विभाग की समीक्षा में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण तथा किसानों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने को कहा गया। रिट प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने न्यायालयों में प्रतिशपथ पत्र (काउंटर एफिडेविट) निर्धारित समयसीमा के भीतर दाखिल करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं कार्यक्रमों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी वीके सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह आदि अधिकारी माैजूद रहे।