तरकुलवा। ग्राम पंचायत नारायणपुर व नरहरपट्टी की सीमा पर स्थित एक ही चकमार्ग पर दोनों ग्राम पंचायतों की ओर से मनरेगा योजना के तहत मिट्टी भराई के कार्य में नियमों की अनदेखी कर अलग-अलग भुगतान कराने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। डीएम ने दोनों ग्राम पंचायतों के तकनीकी सहायक (टीए), सचिव और प्रधानों से 1,21,988 लाख वसूली का नोटिस जारी किया है। इसको लेकर विकास खंड कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, तरकुलवा विकास खंड की ग्राम पंचायत नारायणपुर और नरहरपट्टी के सीवान पर स्थित चक मार्ग पिच सड़क से सेमारी रजवाहा तक का दो साल पहले नाम बदल कर दोनों ग्राम पंचायतों ने अलग-अलग तिथियों में दो बार भुगतान करा लिया था।
इसकी शिकायत मिलने पर जिला स्तरीय टीम द्वारा जांच कर मामले का अल्पीकरण करते हुए सड़क को मौके पर 108 मीटर कम बताकर जिम्मेदारों से 29,773.44 रुपये की वसूली कर मामले को निस्तारित कर दिया था, मगर शिकायतकर्ता इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने इसकी शिकायत ग्राम्य विकास आयुक्त, लोकायुक्त व पीएमओ कार्यालय में की।
सामाजिक कार्यकर्ता अलकेंद्र राव ने इसकी शिकायत कर इस मामले की टीएसी की टीम से जांच कराने की मांग की गई थी। आखिरकार इस प्रकरण की जांच के लिए शासन स्तर से टीएसी टीम गठित की गई।
जांच में पाया गया कि उक्त चक मार्ग की लंबाई 1700 मीटर दिखा कर इस पर मिट्टी भराई के मद में दोनों ग्राम पंचायतों द्वारा अलग-अलग रु. 4,36,540 लाख का भुगतान कराया गया है। जबकि वास्तव में सड़क की लंबाई 1109 मीटर पाई गई।
इस तरह सड़क की लंबाई 591 मीटर कम मिली। टीएसी टीम ने दोनों ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों को सड़क निर्माण में रु. 1,21,988 लाख की शासकीय क्षति का दोषी पाया गया।
टीएसी की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत नरहरपट्टी के टीए ओंकार नाथ तिवारी, ग्राम विकास अधिकारी सुनील कुमार पासवान व ग्राम प्रधान निर्मला देवी तथा नारायणपुर के टीए गिरीश नारायण कुशवाहा, ग्राम पंचायत अधिकारी दीन दयाल चौहान व ग्राम प्रधान सलमा खातून से उक्त धनराशि की सामुपातिक वसूली का नोटिस जारी किया है।
जिसके तहत प्रत्येक पर क्रमशः 20333.33 निर्धारित किया गया है।
बीडीओ परशुराम राम ने बताया कि निर्धारित धनराशि की वसूली का आदेश संबंधितों को दे दिया गया है।