देवरिया। मेडिकल कॉलेज में गर्भवती की जांच के लिए समुचित इंतजाम नहीं हैं। गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के बारे जानकारी के लिए होने वाली लेवल टू जांच की सुविधा नहीं है। इससे गर्भवतियों को परेशान होना पड़ता है। रोजाना 40 से 50 गर्भवती को निजी सेंटरों पर जांच करानी पड़ती है। इससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग स्थित महिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रहती है। शहर से लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से रोजाना करीब तीन सौ से अधिक मरीज आते हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं की अच्छी संख्या रहती है। इसके अलावा अन्य महिला रोग से पीड़ित होती हैं।
यहां गर्भवती के प्रथम लेबल के जांच की सुविधा निशुल्क है, जबकि नौ सप्ताह से लेकर 20 सप्ताह के बीच गर्भवती को लेवल टू की जांच करानी पड़ती है। संवाद