देसही देवरिया के बरवा मीर छापर स्थित सेंट्रल बैंक में धक्का-मुक्की कर रहे ग्राहकों को एक दरोगा ने लाठियां भांजी। भगदड़ मच गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। अफरा-तफरी का माहौल हो गया। कैश के लिए लाइन में लगे लोगों के धक्का-मुक्की के कारण कौला छापर के अब्दुल मन्नान सीढ़ी से गिर गए। उनका सिर फट गया। एक महिला के बांह में चोट आई। परास खेड़ा की एक बुजुर्ग महिला बेहोश हो गई। क्षेत्र में पूर्वांचल बैंक की चारों शाखाओं में कैश के अभाव में आज भी ताले लटके रहे। बैंकों से रुपये नहीं मिलने से लोगों को गुस्सा बढ़ता जा रहा है। शाम साढ़े चार बजे सेंट्रल बैंक मैनेजर ने कैश खत्म होने की बात कही। इससे नाराज महिलाओं ने बैंक के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। कर्मचारी अंदर ही बंद रहे।
सेंट्रल बैंक की शाखा में भोर से ही ग्राहकों की लाइन लगी थी। 11 बजे बैंक का ताला खुलते ही अंदर प्रवेश को लेकर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। दूसरे मंजिल पर स्थित बैंक की सीढ़ी पर खड़े अब्दुल मन्नान सीढ़ी से गिर गए। उनका सिर फट गया। इससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया। फिर भी धक्का-मुक्की का दौर जारी रहा। बैंक पर हंगामे की सूचना पर दरोगा सुनील त्रिपाठी पहुंचे। उन्होंने ने लोगों को समझाने की बजाए भटनी दादन के रामजीत यादव और कौला छापर के शमसुल जुहा पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। यह देख लाइन में लगे लोगों में भगदड़ मच गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। फिर भी दरोगा लाठियां भांजते रहे। भगदड़ में कई लोगों को चोटें भी आईं। कैश क्राइसिस से जूझ रहे लोग माहौल शांत होने के बाद फिर लाइन में लग गए। देर शाम तक बैंक से कैश का वितरण किया गया। शुक्रवार को बैंकों पर इसलिए भी अधिक भीड़ थी क्योंकि कल दूसरा शनिवार है। अगले दिन रविवार और सोमवार को ईद मिलादुनवी के कारण अवकाश रहेगा। तीन दिनों की बैंक में बंदी होने के कारण लोग शुक्रवार को ही रुपया निकालना चाहते थे।